मनोज चौधरी ने कहा कि उन्होंने यह चुनाव एक परीक्षा की तरह स्वीकार किया है, जिसमें जनता ही उन्हें अंक देगी। उन्होंने कहा कि वे इस चुनाव में अपने काम और जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरे हैं। उन्होंने अन्य प्रत्याशियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई लोग चुनाव के समय घर-घर घूमते हैं, लेकिन उन्होंने कभी जनता से दूरी नहीं बनाई और हमेशा जनता के साथ जुड़े रहे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास सबसे बड़ा अधिकार है और वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष एवं काम करने वाले प्रत्याशी को चुने। मनोज चौधरी ने खुद को जनता का बेटा, युवाओं का भाई और बुजुर्गों की लाठी बताते हुए कहा कि वे हर समय जनता की सेवा में लगे रहे हैं।
उन्होंने भाषा, धर्म और संस्कृति से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही और कहा कि बिना किसी पद के भी उन्होंने पिछले तीन वर्षों से जनता के लिए काम किया है। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाते हुए भी उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए हैं। अंत में उन्होंने सरायकेला की जनता से पांच वर्षों के लिए आशीर्वाद देने की अपील करते हुए कहा कि यदि जनता उन्हें योग्य समझे तो उन्हें सेवा का अवसर प्रदान करे।
