Saraikela: सरायकेला में नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा का एकदिवसीय धरना; नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग


सरायकेला: झारखंड में दो वर्षों से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए राज्य सरकार से अविलंब नगर निकाय चुनाव कराने की अनुशंसा करने की अपील की है। भाजपा का कहना है कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में चुनाव नहीं होने से शहरी निकायों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों के अभाव में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, जिससे आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। भाजपा नेताओं ने अपने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2018 में रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर और ईवीएम के माध्यम से सफलतापूर्वक कराए गए थे, लेकिन वर्तमान हेमंत सरकार जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को टाल रही है।


पार्टी का आरोप है कि ट्रिपल टेस्ट का बहाना बनाकर सरकार ने दो वर्षों तक चुनाव नहीं कराए और अब नियमावली में बदलाव कर चुनाव को गैर-दलीय और बैलेट पेपर से कराने की योजना बना रही है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। भाजपा नेताओं का कहना है कि देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, ऐसे समय में ईवीएम को छोड़कर बैलेट पेपर की ओर लौटना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसा है। पंचायत चुनाव में बैलेट पेपर के जरिए हुई अनियमितताओं के उदाहरण जनता के सामने हैं। भाजपा ने यह भी दावा किया कि नगर निकाय चुनाव नहीं होने से केंद्र सरकार से मिलने वाले करोड़ों रुपये के अनुदान से राज्य वंचित हो रहा है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।


इसी मांग को लेकर सरायकेला बाजार में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निकाय चुनाव की तिथि जल्द घोषित करने और ईवीएम के माध्यम से दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग उठाई। धरना प्रदर्शन के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा-  कि भाजपा के निर्देश पर यह एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार चुनाव टालने का प्रयास कर रही है और इसे दलीय आधार पर नहीं कराना चाहती। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव जल्द से जल्द दलीय आधार पर कराए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर नहीं है और पेसा कानून को भी हाई कोर्ट के दबाव में लागू किया गया। उन्होंने कहा कि यदि झारखंड हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, तो सरकार को चुनाव कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। भाजपा ने राज्यपाल से मांग की है कि वे राज्य सरकार को निर्देश दें कि नगर निकाय चुनाव शीघ्र घोषित किए जाएं और ईवीएम के माध्यम से दलीय आधार पर चुनाव कराए जाएं, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिल सके।

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