आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले खूंटपानी प्रखंड कार्यालय के समक्ष दिया धरना प्रदर्शन
हमारी आवाज बनके पिछले 23 वर्षों से हक अधिकार के लिए संघर्ष करते करते ACC, टाटा और रुंगटा जैसे पूंजी पत्तियों के इशारे पर झूठे केसों में 13 बार जेल हो गया और वर्तमान में झूठे केस में 10 वर्षों कारावास में घाघीडीह जेल में बंद है
santosh verma
Chaibasaःसोमबार को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में खूंटपानी प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर मांग करते है कि हमारी आवाज बनके पिछले 23 वर्षों से हक अधिकार के लिए संघर्ष करते करते ACC, टाटा और रुंगटा जैसे पूंजी पत्तियों के इशारे पर झूठे केसों में 13 बार जेल हो गया और वर्तमान में झूठे केस में 10 वर्षों कारावास में घाघीडीह जेल में बंद है। जॉन मिरने मुंडा का गलती बस इतना है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला एक धनी जिले होने के बावजूद यहां के आदिवासी किसान और मजदूर आज भी पलायन, लकड़ी और दातुन बेच कर अपना जीविका चलाने को मजबूर है इस जिले में टाटा, रुंगटा, ACC जैसे बड़े पूंजी पति आपका कारोबार पिछले कहीं वर्षों से करते आ रहे है फिर भी इस जिले के मजदूर किसानों का हालत बहुत खराब है। किसान अच्छी फसल न होने से और मजदूरों को अपने क्षेत्र में रोजगार न मिलने से अन्य राज्य पलायन करने को विवश है और वहीं पर मर रहे है। इसी को देखते हुए जॉन मिरन मुंडा ने पिछले 23 वर्षों से मजदूर किसानों के पक्ष खड़े होकर हक अधिकार के लिए आवाज उठते रहे है और यहां के स्थानीय विधायक मंत्री और बड़े पूंजी पत्तियों के इशारे पर झूठे मामले में जेल डालते गए लेकिन फिर भी उनका आवाज को नहीं दबा सका। आज भी देखा जाए तो आजादी के 79 वर्षों में आदिवासी का विकास नहीं हुआ और पूरे भारत देश में देखा जाए तो आदिवासी समुदाय ही सबसे ज्यादा झूठे मामलों में जेल में बंद हुए है। जॉन मिरन मुंडा आदिवासियों का विकास हो इस लिए आवाज उठते रहे "हर खेत में पानी, हर हाथ को काम और काम का सही दम" को लेकर भगवान बिरसा मुंडा जी के रास्तों पर चलते हुए आ रहे है इसके बावजूद भी उनको बार-बार झूठे केस में जेल भेजता रहा ताकि अकबका कर हथियार उठा ले और उग्रवादी बना कर उनका जीवन छीन ले यही मकसद है, पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़े पूंजी पति और नेता, मंत्री लोग। लेकिन उनका लड़ाई को पूरे मजदूर किसान जन चुका है और आज उनका रिहाई के लिए हम सभी मांग करते हैं। धरना प्रदर्शन में आए हुए ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मानसिंह तिरिया जिला अध्यक्ष जिला परिषद सदस्य ने कहा खुंटपानी प्रखंड के बदेया गांव में नेतरहाट के तर्ज पर आवासीय विद्यालय निर्माण में बिना ग्राम सभा के जमीन अधिकरण किया गया इस आंदोलन से जिला प्रशासन, विधायक मंत्री का नींद हराम हुआ और जॉन मिरन मुंडा को साजिश के तहत जेल भेज दिया गया, जबकि पांचवा अनुसूचित क्षेत्र में सीएनटी एक्ट लागू है बावजूद बिना ग्राम सभा एवं बिना रैयत के सहमति से जमीन अधिग्रहण किया गया।
सुनिल गगाराई जिला अध्यक्ष,सरायकेला खरसावां ने कहा चालियामा में रूंगटा कंपनी के द्वारा दर्जनों गांव को विस्थापित एवं कुजू नदी एवं रैयत जमीन अधिग्रहण कर रही है इसके लिए भी जोन मिरान मुंडा लड़ाई लड़ा है, देश को सबसे ज्यादा राज्यस्व देने वाला अगर कोई है तो रुंगटा कंपनी है रुंगटा कंपनी कोल्हान में पैर पसार चुका है पूरे रूंगटा कंपनी अपने दलाल द्वारा स्थानीय लोगों के जमीन एवं सड़क दुर्घटना होने से पीड़ित परिवार के समर्थन में रोड पर उतारने वालों को मारपीट करने में उतर जाते हैं और इस पर पुलिस प्रशासन कुछ नहीं करती बावजूद रुंगटा कंपनी का ही गाड़ी से सबसे ज्यादा ग्रामीणों का दुर्घटना हो रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रशासन इस पर मौन है।धरना प्रदर्शन में सरायकेला खरसावां जिला अध्यक्ष सुनील गगराई, चुम्बूरू पिगुवा जिला सचिव,जोसेफ मुंडा, अर्जुन मुंडा,माझी बनसिंह,सोमा हाईबुरू,मीरा देवगाम, शांति गोप, मानकी बासिंग, ज्योति बोदरा, सिलवाती बासिंग, सुनीता बासिंग, बेलमती बासिंग, बुधनी पूर्ति इत्यादि के संख्या में शामिल थे।
