आदिवासी हो समाज महासभा केंद्रीय समिति के अध्यक्ष मुकेश बिरूवा की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी एवं केंद्रीय समिति सदस्यों का बैठक संपन्न, लिए गए कई अहम फैसले
हो महासभा का वार्षिक अधिवेशन-2026, का 17 एवं 18 जनवरी को
जिसमें मांगे पर्व को और समाज के धार्मिक दस्तूर एवं रीति रिवाज के अनुसार मनाया जाने एवं एक ही तारीख में मनाने के लिए सहमति बनी साथ ही अश्लील शब्दों एवं डीजे पर पूर्णत प्रतिबंध रहेगा, जिस पर समाज के लोगों का विशेष निगरानी होगा
नये वर्ष में नये कलेंडर का तिथि का भी हुई घोषणा
santotosh verma
Chaibasa ःआदिवासी हो समाज महासभा केंद्रीय समिति के अध्यक्ष मुकेश बिरूवा की अध्यक्षता में दिसंबर माह के कार्यकारिणी एवं केंद्रीय समिति सदस्यों का बैठक आदिवासी कला एवं संस्कृति भवन हरीगुट्टू चाईबासा में संयुक्त रुप से की गयी। इसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय सामाजिक हित में लिए गए एवं वार्षिक पर्व- त्योहारों के साथ-साथ प्रमुख सामाजिक गतिविधियों की तिथियों का घोषणा किया गया। आदिवासी समाज द्वारा मनाया जाने वाली प्रमुख त्योहार *मागे परब 01 फरवरी 2026* को मनाया जाएगा। जिसमें मांगे पर्व को और समाज के धार्मिक दस्तूर एवं रीति रिवाज के अनुसार मनाया जाने एवं एक ही तारीख में मनाने के लिए सहमति बनी साथ ही अश्लील शब्दों एवं डीजे पर पूर्णत प्रतिबंध रहेगा । जिस पर समाज के लोगों का विशेष निगरानी होगा। इस प्रकार
बा: पोरोब- 03 मार्च,
बाबा हेरमूट- 19 अप्रैल, हेरो: पोरोब- 29 जून, जोम नामा - 28 अगस्त एवं कोलोम ओटाणि - 31 दिसम्बर 2026 को मानाए जाने पर सर्वसहमति बना।
इसके अलावा प्रमुख गतिविधियों में प्रतिवर्ष की तरह 1 जनवरी को खरसावां एवं राजाबासा (जैतगढ़़)जगन्नाथपुर अनुमंडल में शहीद दिवस और 2 जनवरी सेरेंगसिया शहीद दिवस मनाये जाने का निर्णय लिया गया । आदिवासी हो समाज युवा महासभा के नेतृत्व में मनाये जाने वाला *उपरूम-झूमर 11 जनवरी 2026* को स्थानीय आईटीआई ग्राउंड चाईबासा में एवं आदिवासी हो समाज *महासभा का वार्षिक अधिवेशन-2026, 17 एवं 18 जनवरी 2026* को आदिवासी कल्याण केंद्र किरीबुरू, झारखंड में किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जिसमें प्रमुख रूप से प्रेम विवाह से संबंधित बाला-बापला एवं गोनोंग, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार, नशे पान के चुंगल में फंसता युवा पीढ़ी एवं वर्तमान शिक्षा व संस्कार आदि सामाजिक विषयों पर गहन चिंतन मंथन किया जाएगा। साथ ही धार्मिक दस्तूरों में हो समाज के किली के अनुसार मारंग -बोंगा के पूजा पर ऐतिहासिक तथ्यों पर विचार विमर्श एवं संकलन करने का कार्य किया जाएगा। आज के बैठक में मुख्य रूप से बामिया बारी, सोमा कोड़ा, छोटेलाल तामसोय, हरिश चंद्र समाड, चैतन्य कुंकल, मानसिंह समाड, बिपिन चंद्र तामसोय, सतीश सामड, युवा महासभा से ईपिल सामड, गब्बर सिंह हेम्बरोम, केंद्रीय समिति सदस्य के.सी. बिरूली, सेवा निवृत्त संगठन से रामाय पूर्ति, चंद्र मोहन बिरूवा, यदूनाथ तियु, महिला महासभा से श्रीमती अंजू सामड, नागेश्वरी जारिका, विमल हेंब्रम इंदु तियु आदि उपस्थित रहे।
