उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत उद्यान महाविद्यालय, खूंटपानी द्वारा गोटाई गाँव (भोया पंचायत), पश्चिम सिंहभूम में कार्यक्रम का आयोजन
उन्नत गाँव आत्मनिर्भर भारत की नींव : डॉ. रविरंजन
santosh verma
Chaibasa ःउद्यान महाविद्यालय, खूंटपानी द्वारा उन्नत भारत अभियान के ग्यारहवें स्थापना दिवस के उपलक्ष में पश्चिम सिंहभूम जिले के भोया पंचायत के गोटाई गाँव में एक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय के उन्नत भारत अभियान परियोजना के समन्वयक डॉ. रवि रंजन कुमार ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्नत भारत अभियान की शुरुआत 11 नवम्बर 2014 को भारत सरकार द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका सुनिश्चित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उद्यान महाविद्यालय, खूंटपानी को इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत ज्ञान संस्थान (Knowledge Institution) के रूप में चयनित किया गया है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विषयों के वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों एवं किसानों को बागवानी से संबंधित उपयोगी जानकारियाँ प्रदान कीं। डॉ. अमित कुमार कनीय वैज्ञानिक, सब्जी विज्ञान ने जैविक सब्जी उत्पादन के महत्व एवं तकनीकों पर चर्चा की। कनीय फल विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. अर्केन्दु घोष , ने फलों की विशेषकर आम, शरीफा, अमरूद एवं नींबू की वैज्ञानिक खेती तथा उच्च उत्पादन के उपाय बताए। डॉ. कोयल डे, प्रसंस्करण एवं फसलोत्तर प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक ने फलों एवं सब्जियों के फसलोत्तर प्रबंधन और मूल्य संवर्धन तकनीकों पर जानकारी दी। वहीं डॉ. सुशांतो दत्ता कनीय वैज्ञानिक, शस्य विज्ञान ने सतत कृषि पद्धतियों एवं जैविक खादों के उपयोग पर किसानों को प्रशिक्षण दिया। महाविद्यालय के छात्रों विशेषकर नीलू कुमारी, निधि कुमारी, प्रकाश कुमार, धीरज महतो, मुकेश कुमार, तनु प्रिया, हिमांशु कुमार, मो. आदिल एवं अमित कुमार ने कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई। छात्रों ने ग्रामीण प्रतिभागियों को नीमास्त्र, अजोला कम्पोस्ट आदि जैविक इनपुट्स की तैयारी एवं उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी, जिसे ग्रामीणों ने अत्यंत उत्साह से सीखा।
मौके पर स्थानीय किसान, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसी गतिविधियों की निरंतरता की अपेक्षा जताई। महाविद्यालय की छात्रा वैष्णवी प्रसाद ने कार्यक्रम के प्रबंधन का नेतृत्व एवं सभी आगंतुको का धन्यवाद ज्ञापन किया।
