शेल के ठेका प्रबंधन नें ठेका श्रमिकों को आधार कार्ड में स्थानीय पता न होने पर नौकरी से हटाने की दी धमकी, मजदूरों नें सौंपा विधायक सोनाराम सिंकु को ज्ञापन

 शेल के ठेका प्रबंधन नें ठेका श्रमिकों को आधार कार्ड में स्थानीय पता न होने पर नौकरी से हटाने की दी धमकी, मजदूरों नें सौंपा विधायक सोनाराम सिंकु को ज्ञापन

मेघाहातुबुरु–किरीबुरु में ठेका मजदूरों पर बढ़ा दबाव, विधायक सोनाराम सिंकु बोले – मजदूरों को डराना बंद करो, नहीं तो कार्रवाई होगी”

santosh verma

Chaibasa ः मेघाहातुबुरु–किरीबुरु शेल में ठेका मजदूरों को शेल के ठेका प्रबंधन द्वारा आधार कार्ड में स्थानिय पता ना होने को लेकर ठेका श्रमिकों को कार्य से हटा देने की धमकी दिए जाने के मामले को लेकर बुधवार को कांग्रेस प्रखण्ड कार्यालय, जगन्नाथपुर में ठेका श्रमिक मजदूर माधव चंद्र कोड़ा के नेतृत्व मे जगन्नाथपुर विधायक सह उप मुख्य सचेतक (सत्तारूढ़ दल) सोनाराम सिंकु को ज्ञापन सौंपा है. ठेका श्रमिकों को आधार कार्ड में स्थानीय पता न होने पर नौकरी से हटाने की धमकी दिए जाने की बात कही गयी है.वहीं मजदूरों को विधायक श्री सिंकु नें मजदुरो को इस संबंध में कहा की प्रबंधक से शीघ्र ही मिलकर समाधान करने की आश्वासन दिए. साथ ही विधायक सोनाराम सिंकु बोले – मजदूरों को डराना बंद करो, नहीं तो कार्रवाई होगी” जरूरत पड़ी तो उग्रआंदोलन भी किया जायेगा. ज्ञात हो की किरीबुरू सेल मेघहतबुरु में काम करने वाले ठेका मजदू‌रों को कुछ समय से, यहाँ के श्रमिकों पर यह दबाव डाला जा रहा है कि उनके आधार कार्ड पर "स्थानीय पता" (Local Address) होना अनिवार्य है। हमें यह जानकारी मिली है कि जिन श्रमिकों के आधार कार्ड पर उनके मूल निवास (जैसे गाँव या दूसरे जिले/राज्य) का पता दर्ज है, उन्हें प्रबंधन ठेकेदारों ‌द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है, और काम से निकाल देने की धमकी दी जा रही है.जो चिंताजनक बात है.हम श्रमिकों को यह धमकी दी जा रही है कि यदि वे जल्द से जल्द अपने आधार कार्ड पर स्थानीय पता अपडेट नहीं करवाते हैं, तो उन्हें काम से निकाल दिया जाएगा (duty से हटा दिया जाएगा.मजदूरों नें विधायक श्री सिंकु से गुहार लगाया की आधार कार्ड एक राष्ट्रीय पहचान पत्र है, न कि स्थानीय निवास का स्थायी प्रमाण। कई श्रमिक अपनी आजीविका कमाने के लिए दूसरे स्थानों से यहाँ आकर अस्थायी रूप से रहते हैं। उनका स्थायी पता उनके मूल निवास का ही होता है.इस प्रकार की धमकी न केवल पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और अवैध है, बल्कि यह इन गरीब मजदूरी की आजीविका पर भी शीधा प्रहार है। इस नियम के कारण श्रमिकों के बीच आय और असुरक्षा का माहौल बन गया है, और वे अपनी नौकरी खोने के डर में जी रहे हैं।इसलिए   इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों या [कंपनी/फैक्ट्री के प्रबंधन को इस प्रकार भी अवैध गतिविधियों को तुरंत रोकने के लिए कड़े निर्देश दें।सुनिश्चित करें कि किसी भी श्रमिक को केवल आधार कार्ड पर स्थानीय पता न होने के कारण नौकरी से न निकाला जाए और न ही उन्हें किसी भी प्रकार से परेशान किया जाए।

विधायक का कड़ा संदेश — “मजदूरों को धमकाने की हिम्मत मत करना”

ज्ञापन लेने के बाद विधायक श्री सोनाराम सिंकु ने कहा:

“आधार कार्ड राष्ट्रीय पहचान पत्र है, किसी का निवास पहचानने का हथियार नहीं।

मजदूरों को धमकाना बंद करो, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी।”

उन्होंने साफ कहा कि अगर प्रबंधन किसी भी मजदूर को आधार एड्रेस अपडेट के नाम पर हटाने या परेशान करने की कोशिश करता है तो वो सीधे हस्तक्षेप करेंगे।

“ये गरीबों की रोज़ी-रोटी का मामला है। मजदूरों को परेशान करने की अनुमति किसी को नहीं है।”


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