सरायकेला: जिला जेल सरायकेला में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देश पर जेल अदालत–सह–मेडिकल जाँच शिविर एवं जेल जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरायकेला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं सचिव (प्रभारी) डीएलएसए स्मिता धृति धैर्य ने की।
कार्यक्रम में अतिरिक्त लोक अभियोजक देव प्रताप तिवारी, मुख्य LADC दिलीप शॉ, उप-मुख्य LADC सुनीत कर्मकार, सहायक LADC अंबिका चरण पाणी और विजय कुमार महतो सहित जिला जेल के जेलर तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जेलर द्वारा औपचारिक उद्घाटन के साथ हुई। जेलर ने बंदियों का स्वागत किया और इस शिविर के उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी। अतिरिक्त लोक अभियोजक देव प्रताप तिवारी ने बंदियों को सकारात्मक व्यवहार, अनुशासन और समाज में पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में लौटना ही अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विधिक सहायता से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अंडरट्रायल बंदियों के कुल 3 आवेदन लिए गए, जिन पर विधिक टीम ने आवश्यक कार्रवाई तय की। मुख्य LADC दिलीप शॉ ने बताया कि LADCS योजना के तहत जेल बंदियों के अधिकार सर्वोपरि हैं और जरूरतमंदों को 24 घंटे के भीतर मुफ्त वकील उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में उनकी टीम ने 95 मामलों का त्वरित निपटारा किया है। इसी दौरान जेल परिसर में मेडिकल चेकअप कैंप भी लगाया गया। डॉक्टरों ने बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, आवश्यक दवाइयाँ दीं और स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी प्रदान की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विधिक जागरूकता को जेल स्तर तक पहुँचाना और बंदियों को उनके अधिकारों से अवगत कराना था। जेल प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बंदियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।


