Santosh Verma
चाईबासा: भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की घोषणाएँ लगातार जनता को भ्रमित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बड़े मंच से 49,000 सरकारी नौकरियों का ऐलान किया था, लेकिन अब मात्र 10,000 नियुक्ति पत्र बाँटकर इसे उपलब्धि बताया जा रहा है। पूर्व सांसद ने सवाल उठाया कि जब सरकार के कार्यकाल में ही 2.07 लाख से अधिक स्वीकृत पद गायब कर दिए गए, तो 49,000 नौकरियों की घोषणा किस आधार पर की गई थी?
श्रीमती कोड़ा ने कहा कि वित्त विभाग के अनुसार -
2022–23 में स्वीकृत पद: 5,33,737
2024–25 में बचे पद: 3,26,049
यानी 2,07,688 पद कम कर दिए गए, जिनमें शिक्षा विभाग के 1.82 लाख और पुलिस विभाग के 39,000+ पद शामिल हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “जहाँ पद ही समाप्त कर दिए गए हों, वहाँ 49,000 नौकरियों की घोषणा केवल जनता को सपनों का चूरन बेचने जैसी है। “सरकार आपके द्वार” योजना पर भी गीता कोड़ा ने बड़े सवाल उठाये। उन्होंने बताया कि 2021 की शुरुआत के बाद 2022 में 21 लाख, और 2023 में 58 लाख आवेदन आए, लेकिन सरकार आज तक यह नहीं बता पाई कि कितने आवेदनों का निष्पादन हुआ।
श्रीमती कोड़ा ने कहा कि यह कार्यक्रम वास्तविक सेवा कम और राजनीतिक प्रचार अधिक बन गया है। सबसे गंभीर मुद्दे पर पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार ने आज तक न स्थानीय नीति बनाई और न नियोजन नीति, फिर भी वैकेंसी निकाली जा रही है। उन्होंने पूछा- “जब स्थानीय नीति ही नहीं है, तो क्या ये नौकरियाँ झारखंड के आदिवासी–मूलवासी युवाओं के बजाय बाहरी राज्यों के लोगों को देने के लिए निकाली गई हैं?”
गीता कोड़ा ने कहा कि सरकार तुरंत स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करे, कटे हुए सभी पद बहाल करे और ‘सरकार आपके द्वार’ के सभी पुराने आवेदनों का हिसाब बताएं कि कितने आवेदन का निष्पादन हुआ कितने लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ।
