स्वास्थ्य और ग्रामीण कार्य विभाग के भ्रस्टाचार कार्यशैली से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है: सूत्र
सूत्रों के अनुसार घाटशिला उप चुनाव के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपने सरकार के कार्यशैली में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रहे हैं, लापरवाह मंत्री पर नकेल कसने की योजना भी बनाई गई है, वहाँ विधायकों का एक साल का परफॉर्मेंस की भी जाँच होगी.
Chaibasa/Santosh Verma: बिहार चुनाव और घाटशिला उप चुनाव के बाद कॉंग्रेस कोटा के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री दीपिका पांडेय का विभाग बदल सकता है. सूत्रों के अनुसार झामुमो के सभी विधायक स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के खिलाफ गोलबंद हो रहें हैं, यहां तक कॉंग्रेस के अधिकांश विधायक इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय से काफी नाखुश हैं, यूँ कहा जा रहा है कि कॉंग्रेस विधायक अपने प्रभारी के राजू को भी अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकें हैं. दोनों विभाग का परफॉर्मेंस बहुत ही खराब रहने के कारण मुख्यमंत्री के रडार पर हैं.
सूत्रों के अनुसार सीएम हाउस में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी दोनों मंत्री के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी है तथा हटाने की भी मांग रखी है. दोनों विभाग में सिर्फ ट्रांसफर और पोस्टिंग का खेल में धन शोध का खेल खिलाड़ी का चर्चाओं का बाजार है. दीपिका पांडेय अपने विभागीय सचिव से मनमानी नहीं करा पाने के कारण के श्रीनिवासन को हटाने की ज़ोर आजमाने मे प्रयासरत हैं. दीपिका पांडेय के अधीनस्थ विभाग में जूनियर को सीनियर बना कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की चर्चा है.

