Santosh Verma
चाईबासा: प०सिंहभूम जिला के कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने भाजपा प्रवक्ता डॉ.अजय आलोक के एक्स पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि भाजपा नेताओं को झारखंड की राजनीति पर फिजूल के कयास नहीं लगानी चाहिए। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और एनडीए गठबंधन की हार के बाद यह बयान भाजपा की घबराहट और हताशा को दशार्ता है।
डॉ.अजय आलोक का यह बयान राजनीतिक शरारत है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। यह भाजपा का पुराना हथकंडा है कि जब वह चुनावी या राजनीतिक लड़ाई में सीधे मुकाबला नहीं कर पाती है, तो वह अफवाहों और कयासों के जरिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती है।
त्रिशानु राय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हमेशा से जीवंत है। वो जनता के दिलों में है और उनका संघर्ष झारखंड की माटी और आदिवासियों तथा मूलवासियों के हक के लिए है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का जवाब, हेमंत जीवंत है भाजपा का अंत है, एकदम सही और समयोचित है। त्रिशानु राय ने महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस मजबूती से अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ खड़ी है।
भाजपा चाहे जितने भी भ्रम फैलाने की कोशिश कर ले, झारखंड की जनता और हमारा गठबंधन एकजुट है। राज्य में सरकार अपना काम पूरी स्थिरता और ईमानदारी से कर रही है, और हम आगामी चुनावों में भाजपा के मंसूबों को करारा जवाब देंगे। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड की राजनीति रिमोट कंट्रोल से नहीं चलती और डॉ.आलोक जैसे नेताओं को सोशल मीडिया ट्रायल के जरिए झारखंड की सरकार को अस्थिर करने का नाकाम प्रयास बंद कर देना चाहिए।
