तांबो चौक के पास ग्रामीणों पर पुलिस लाठीचार्ज की पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने की कड़ी निंदा
sanosh verma
Chaibasa ःचाईबासा के तांबो चौक के पास NH-220, NH-75E तथा बाईपास सड़क पर भारी वाहनों के दिन के समय प्रवेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर जारी ग्रामीणों का शांतिपूर्ण आंदोलन सोमवार की रात हिंसक रूप ले लिया, जब पुलिस द्वारा बल प्रयोग एवं लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव, आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज जैसी घटनाएँ हुईं, जिससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि दिन के समय भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से दुर्घटनाओं की संख्या भयावह रूप ले चुकी है। पिछले एक वर्ष में कई निर्दोष लोगों की मौतें हो चुकी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि दिन के समय नो-एंट्री लागू की जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। यह भी उल्लेखनीय है कि उक्त मार्ग पर उपायुक्त कार्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय सहित कई प्रमुख शैक्षणिक व प्रशासनिक संस्थान स्थित हैं, जहाँ दिनभर आमजन का आवागमन बना रहता है।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने पुलिस की इस कार्रवाई को “अत्यंत निंदनीय और लज्जाजनक” बताया है। दोनों जननेताओं ने कहा कि“ ग्रामीणों की जायज मांग को सरकार ने अनसुना कर दिया है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें महज़ औपचारिकता बनकर रह गई हैं, जबकि आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। पुलिसिया बर्बरता के माध्यम से जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए कलंक है।”
उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, जो इसी जिले के हैं, को स्वयं जनता के बीच आकर संवाद स्थापित करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने जनता को विश्वास में लेने के बजाय पुलिस को आगे कर दिया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
दोनों नेताओं ने सरकार से यह मांग की है कि —
1. लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए।
2. आंदोलन में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए निर्दोष ग्रामीणों को तुरंत रिहा किया जाए।
3. दिन के समय भारी वाहनों पर नो-एंट्री लागू कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ही उचित निर्णय नहीं लेता है, तो वे जनता के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।

