झारखंड मुक्ति मोर्चा की उदासीनता और लापरवाही का नतीजा है नो इंट्री की घटना , परिवहन मंत्री की चुप्पी का खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ सकता है
लौह अयस्क की ढुलाई में लगे हजारों ट्रक के आवागमन की रूट चाट तैयार करने में सरकार विफल है
वर्तमान समय में लौह अयस्क की ढुलाई कर रहे हजारों वाहनों का सुगम परिचालन के लिए फॉर लेन सड़क की घोर आवश्यकता है
जिला प्रशासन की हठधर्मिता और क्रूरतापूर्ण कार्यशैली अपनाने से कोल्हान में राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है
रूंगटा कंपनी को इस घटना पर अपनी राय रखने को आगे आना चाहिए.
इस घटना के जन आक्रोश को घाटशिला चुनाव में भुनाने की कोशिश विपक्ष पार्टी भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है
santosh verma
Chaibasa ः चाईबासा तामबू चौक में वाहनों का नो इंट्री के मामला में ग्रामीणों और आंदोलनकारियों पर पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज और आंसू गैस, रबर गोली का प्रयोग करने की घटना को भाजपा चाईबासा से घाटशिला ले जाने के लिए हर संभव राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। इस घटना के बहाने परिवहन मंत्री दीपक बीरुआ और राज्य के मुखिया हेमन्त सोरेन को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस घटना के जन आक्रोश को घाटशिला चुनाव में भुनाने की कोशिश विपक्ष पार्टी भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इस घटना के विरोध में जनता पुरी तरह से रूंगटा कम्पनी के हितैषी बनने वाले के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी है। चाईबासा तामबो चौक की घटना को भाजपा के दो पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और मधु कोड़ा ने कोल्हान को फिर से भाजपा का झंडा फहराने की कोशिश शुरू कर दी है। तामबो चौक की घटना एक जन आंदोलन है न कि किसी राजनीतिक पार्टी का आंदोलन है। सूत्रों के अनुसार इस जन आंदोलन को किसी भी राजनीतिक दल को राजनीतिक लाभ नहीं लेने दिया जाएगा, क्यूंकि सभी नेता रूंगटा कम्पनी के हितैषी हैं।
