झारखंड/घाटशिला: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य में बढ़ती घुसपैठ की समस्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के फूलपाल सहित कई इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठिए लगातार आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
चंपाई सोरेन ने कहा कि धालभूमगढ़ क्षेत्र में भी सरकारी और वन विभाग की जमीनों पर हजारों घुसपैठियों को बसाया जा चुका है, और इन्हें बचाने के लिए ही एसआईआर का विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घाटशिला प्रखंड के हेंदलजुड़ी पंचायत में मंईयां सम्मान योजना की लाभुक सूची में 172 मुस्लिम महिलाओं के नाम शामिल हैं, जबकि पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता। इसी तरह, चाकुलिया प्रखंड के मटियाबांध पंचायत में 4,281 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की बात जिला उपायुक्त द्वारा स्वीकार की गई, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया — “इन लोगों के माता-पिता कौन हैं? ये कहाँ से आये?”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की निष्क्रियता और मिलीभगत के कारण नगड़ी से लेकर पाकुड़ और संथाल परगना तक आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं। उन्होंने कहा, “अगर हम लोगों ने आंदोलन नहीं किया होता, तो नगड़ी की खेतिहर जमीन भी लूट ली जाती। आज झारखंड में हमारी माटी, बेटी और रोटी तीनों संकट में हैं।”
चंपाई सोरेन ने सरकार से घुसपैठ की उच्चस्तरीय जांच और आदिवासी भूमि संरक्षण कानूनों के कड़ाई से पालन की मांग की, ताकि राज्य की पहचान और अस्तित्व सुरक्षित रह सके।
