ईचा डैम से प्रभावित झारखंड और उड़ीसा के सीमावर्ती क्षेत्रों में जन-आंदोलन तेज होगा - रेयांश सामड
santosh verma
Chaibasa ःमयूरभंज जिला के तीरिंग प्रखंड अंतर्गत कुलगुटू पंचायत के मुड़दा ग्राम में ईचा खरकई बांध विरोधी संघ, कोल्हान के तत्वाधान में जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में ईचा डैम से प्रभावित झारखंड और उड़ीसा के ग्रामीण भारी संख्या में शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए संघ के उपाध्यक्ष रेयांस सामड ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय एवं झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा आदेश की अवहेलना कर ईचा खरकई बांध परियोजना को झारखंड सरकार द्वारा बनाई जा रही है। उड़ीसा के प्रभावित 39 गांवों में नोटिस भेज कर ग्रामीणों का शोषण किया जा रहा है। झारखंड सरकार के जनजातीय परामर्शदातृ परिषद में ईचा बांध की ऊंचाई और डूब क्षेत्र को कम कर 18 गांवों को ही प्रभावित करने प्रस्ताव पर सहमति जताई।
फिर भी उड़ीसा के डूब गांवों में सरकार द्वारा सुविधा से वंचित किया जा रहा है जिससे ग्रामीण आक्रोशित है। कानूनी लड़ाई लड़ी जारी रख विस्थापित/ग्रामीणों को न्याय दिलाई जाएगी। ईचा डैम से प्रभावित झारखंड और उड़ीसा के सीमावर्ती क्षेत्रों में जन आंदोलन और तेज होगा। मीडिया सचिव रविंद्र अल्डा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की वर्तमान झारखंड, बंगाल और उड़ीसा में कुड़मी समाज द्वारा रेल टेका कर केंद्र सरकार को दबाव बनाने पर कड़ा विरोध जताते हुए उड़ीसा के आदिवासी समुदायों को एकजुट होकर उड़ीसा में भी बड़ा आंदोलन चलाने पर बल दिया ।जनसभा में मुख्य रूप से पांडुपानी ग्राम पंचायत के सरपंच सुंदर बास्केे, वार्ड सदस्य सीता सामड, ग्रामीण मुंडा घनश्याम सामड , संघ के सह कोषाध्यक्ष बिरसा गोडसोरा, सह सचिव श्याम कूदादा, अजय कुमार पिंगुआ, बुधलाल कालुंडिया, मिलन कालुंडिया, समीर हेंब्रम,गिरधारी सामड, हरीश चंद्र सामड और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

