Chaibasa: उपायुक्त नें जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों को जलाने से संबंधित मामले पर संज्ञान लेते हुए एक सप्ताह के भीतर निषपक्ष जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का दिया निर्देश


उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों से संबंधित हुई समीक्षात्मक बैठक


 साथ ही सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं के भंडारण एवं वितरण पंजी का नियमित रुप से जांच करने हेतु निर्देशित किया गया


santosh verma

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों से संबंधित समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में उपायुक्त के द्वारा मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, मलेरिया उन्मूलन एवं आगामी 10 नवंबर से 25 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाले जिला कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत घर-घर कुष्ठ रोग खोज अभियान से संबंधित प्रखंड वार प्रस्तुत प्रतिवेदन का समीक्षा किया गया। बैठक में बताया गया कि जिले के 1718 गांव एवं 2 शहरी क्षेत्र के कुल 378170 घरों में कुष्ठ रोगियों की पहचान हेतु घर-घर कुष्ठ रोग खोज अभियान संचालित किया जाना है। जिस पर उपायुक्त के द्वारा अभियान संचालन हेतु तैयार कार्य योजना का अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य विभाग को संबंधित विभागों, यथा- पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग आदि से समन्वय स्थापित कर योजना के सफलतम संचालन हेतु आवश्यक एवं उचित दिशा निर्देश दिया गया।

समीक्षात्मक बैठक के दौरान उपायुक्त के द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अंतर्गत होने वाले रिक्रूटमेंट तथा डीएमएफटी मद से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिनियुक्त किए गए बहुउद्देशीय कार्यकर्ताओं का कार्य/दायित्व निर्धारण से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा करते हुए जिला अंतर्गत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अनिवार्य प्राथमिक सुविधाओं व संरचनाओं का आकलन करते हुए समेकित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया। इसके अलावा मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत जिले में सभी गर्भवती महिलाओं का विभिन्न अवस्थाओं में एएनसी और संस्थागत प्रसव या देखरेख प्रसव को सुनिश्चित कराने, साथ ही उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं पर विशेष निगरानी कराने के लिए सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया।

बैठक में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से संबंधित प्रतिवेदन का समीक्षा के क्रम में उपायुक्त के द्वारा जिला अंतर्गत नियमित टीकाकरण के कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित कराने का निर्देश दिया गया, ताकि जिले के सभी नवजातों का विभिन्न स्तर पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त के द्वारा जिला में मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर से संबंधित प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से शिशु मृत्यु दर में आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि इसमें सुधार के लिए सभी गर्भवती महिलाओं एवं नवजातों पर प्रारंभिक स्तर से ही निगरानी रखा जाए। समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम हेतु ग्राम स्तर पर उचित पहल भी सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में उपायुक्त के द्वारा जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों को जलाने से संबंधित मामले पर संज्ञान लेते हुए एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया, साथ ही सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं के भंडारण एवं वितरण पंजी का नियमित रुप से जांच करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि आमजनों के स्वास्थ्य रक्षा हेतु उपलब्ध दवाइयां किसी भी हाल में अनुपयोगी ना हो, इसे हर हाल में सुनिश्चित करें। इसके साथ ही एक सप्ताह के भीतर सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का आवक एवं वितरण का संपूर्ण प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।


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