घटना के बाद पूरे थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साथी जवान उन्हें बचाने की कोशिश में तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुटे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बुधवार को हवलदार का शव चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया है। इस बीच घटना की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी, जगन्नाथपुर ने जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चाईबासा को दी।
इसके बाद उपायुक्त ने आदेश जारी कर शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए अंचल अधिकारी खूंटपानी, फुलेश्वर साव को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है, जिसमें सदर अस्पताल चाईबासा के चिकित्सक डॉ. चन्दन कुमार रवि, डॉ. शिरिल संदीप सवैया और डॉ. दीपक कुमार सिन्हा शामिल हैं। पोस्टमार्टम पूरी तरह दंडाधिकारी की देख-रेख में और वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हवलदार बारगी उराँव बेहद अनुशासित और जिम्मेदार जवान थे। यह घटना पूरी तरह एक हादसा है, इसमें किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।
