Chaibasa Jagannath CHC: जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में एक तरफ लाखों रूपये के कार्टुन में बंद पड़े दवा को जलाया गया; एक्सपायर के नाम पर तो दुसरी ओर दारू के बोतलों की अंबार देखने को मिल रहा

मरिजों को भले ही नहीं मिल रही दवा लेकिन कार्टून के कार्टुन दवा को कमिशन के चक्कर में लाखों का दवा को कर दिया आग के हवाले

जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु नें कई बार स्वास्थय मंत्री व सिविल सर्जन से कार्रवाई करने की मांग की है लेकिन सिविल सर्जन माननिय का शिकायत को कर रहें नजर अंदाज

कौन है डॉ जयंत कुमार जो जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र से रहेते है हमेशा नदारद, सीएस के औचक निरिक्षण में दो बार पाया गया नदाद

जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधाकारी दे चुका है सिविल सर्जन को स्वेच्छा से प्रभारी पद से हटा कर मुल पदस्थान पर भेजने के लिए निजि पत्र


न्यूज़ डेस्कः जब मरिजों के बिच दवा वितरण ही करना ही नहीं था और सेंटर तक दवा पहूंचाना ही नहीं था तो क्यों कर दिया लाखों रूपये की दवा की खरिददारी, किया सरकार के पैसों का कोई मोल नहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में. बात इतना तक ही नहीं थमता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी जहां देश में डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रहें है और हर काम को पारर्दशिता के नजरिये से डिजिटाईलेशन के तहत कार्य करने को कहा जा रहा वहीं जगन्नाथपुर सीएचसी में डिजिटल इंडिण्या की धजिया उड़ रही है और हर काम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जयंत कुमार के द्वारा मौखिक रूप से तुगलूकी फरमान जारी कर ऑनलाइन के बजाय ऑफ लाईन के जरिए काम कराया जा रहा है। शनिवार को तो हद ही पार हो गई जब जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में लाखों रूपये की एक्सपायर दवा को आग के हवाले कर दिया गया।

जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखे एक्सपायर दवाओं के कार्टून

पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के जगन्नाथपुर अनुमंडल मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर ग्रामीण इलाकों के उपस्वास्थ्य केंद्रों का एक जैसा हाल दवा के लिए भटकते हैं मरीज. पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा जिला से जगन्नाथपुर अस्पताल को भेजी जाने वाली दवाई कफ सिरफ जैसे रखे-रखे दवा एक्सपायर हो गई, तो स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा चिकित्सा प्रभारी के निर्देश पर सभी एस्पायर दवाओं को ही जला दिया गया है।



जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा की बड़ी खेप एक्सपायर हो गई है। यहां कई ऐसी दवाएं हैं, जिसका कार्टन ही नहीं खोला गया और दवाएं एक्सपायर हो गईं। मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही है और यहां दवाएं रखे-रखे ही एक्सपायर हो गई हैं।शनिवार को अस्पताल के निरीक्षण में देखा गया कि कैंपस में ही दवाओं के करीब 10 से अधिक कार्टून दवाओं जला दिया गया है। इन दवाओं का कार्टन खोला ही नहीं गया था। इस पर सील लगी हुई थी। इसके साथ ही अधिक संख्या में अन्य दवाएं भी जलाई गई हैं, जो एक्सपायर हो गई थी। अब सवाल यह है कि दवाएं एक्सपायर क्यों हो गईं। मरीजों में अगर दवाओं का वितरण किया गया होता तो ऐसा नहीं होता, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जमकर मनमानी की है।


जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल कैंपस में एक्सपायर दवाओं के 10 से अधिक कार्टन को जला दिया गया.अस्पतालों में दवाओं के एक्सपायर होने के पीछे कमीशन के खेल को भी नकारा नहीं जा सकता है। अधिकतर डॉक्टर दवाएं ही ऐसी लिखते हैं जो अस्पताल में नहीं मिलती हैं। मरीजों को इसके लिए अपनी जेब ढीली करनी ही पड़ती है। यह यही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल का यही हाल है। इस सबंध सिविल सर्जन सुशातों माझी नें कहा इस तरह की घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है और जांच करा जायेगा और दोषियों पर स्खत कार्रवाई की जायेगी। अब सवाल उठ रहा है की किया सिविल सर्जन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बिरूद्ब कार्रवाई करते है या फिर जांच को डाक के तीन पात शाबित होगा।

जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु भी जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के डॉ जयत कुमार को हटा कर दुसरे डॉक्टर को पदस्थापित करने के लिए कई बार कर चुके है शिकायत सिविल सर्जन से लेकिन माननिय का बात को नजर अंदाज किया जा रहा है जिससे काफी नाराज है स्थानिय विधायक।

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