ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल की योजनाओं का e tendering प्रक्रिया का निष्पादन किसी भी अन्यत्र विभाग से नहीं कराया जा सकता है - मुख्य अभियंता
ग्रामीण विकास विशेष के e tendering की cs अनुमोदन यानी संवेदक को कार्य आवंटित की प्रक्रिया किसी अन्य विभाग से कराये जाने पर कार्यपालक अभियंता पर निलंबन की कारवाई की जाएगी
अवधेश कुमार अपने ही मुख्य अभियंता कार्यालय के तत्कालीन तकनीकी सचिव सुनील नाथ से लगभग 200 करोड़ की योजना का मंतव्य नहीं लिया
चाईबासा/संतोष वर्मा: ग्रामीण विकास विशेष प्रक्षेत्र रांची के मुख्य अभियंता अवधेश कुमार अपने काले कारनामे और धमकी पड़े आदेश का पत्र जारी कर अपने बुने जाल में फंस गये है, जिसके कारण सुर्खियों में है. हलांकि अवधेश कुमार का काले कारनामे की चर्चा पूर्व में भी हुई है. कुर्सी हथियाने से लेकर कमिशन व पीसी वसुली तक में अभी लोगों के जुवान से हटा नहीं की, एक बार फिर ग्रामीण विकास विशेष प्रक्षेत्र, रांची के मुख्य अभियंता अवधेश कुमार ने पत्र जारी कर सभी अधीक्षण अभियन्ता और कार्यपालक अभियंता को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करें.
सूत्रों के अनुसार यह बात सामने आयी है कि जिला स्तरीय DMFT एवं अन्य मद की योजनाओं का निविदा निष्पादन अन्य विभागों के सक्षम अभियंता से करा लेते हैं, जिसकी सूचना मुख्य अभियंता अवधेश कुमार को मिलने के बाद यह पत्र जारी किया गया है. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि स्वंय मुख्य अभियंता अपने बनाए नियम का जमकर उल्लंघन करने की चर्चा हो रही है. अवधेश कुमार अपने ही मुख्य अभियंता कार्यालय के तत्कालीन तकनीकी सचिव सुनील नाथ से लगभग 200 करोड़ की योजना का मंतव्य नहीं लिया है, साथ ही मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियन्ता रहते अन्य विभाग से सम्बन्धित एजेंसिय यानी जिला स्तरीय निविदा की सीएस अनुमोदन किया है, इसकी जांच होने से इनके ही इस पत्र की पोल खुल जाएगी. यहां यह कहावत चरितार्थ होता है कि, सौ चूहा खा कर, बिल्ली चली हज को....!



