उपायुक्त नें आंगनवाड़ी केंद्र के तहत चिन्हित 1208 आंगनवाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति का क्रमशः जायजा लिया गया
आंगनवाड़ी कर्मी के निजी भवन में संचालित केंद्र को यथाशीघ्र वहां से स्थानांतरित करने और कार्य में कोताही बरतने वाले सेविका/सहायिका/सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने का दिया निर्देश
Chaibasaःसोमबार को पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में और सहायक समाहर्ता-सह-प्रशिक्षु आईएएस सिद्धांत कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती श्वेता भारती, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग खुसेंद्र सोनकेसरी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती पुनीता तिवारी सहित अन्य की उपस्थिति में बाल संरक्षण योजना मिशन वात्सल्य और समाज कल्याण कार्यालय तहत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में जिला बाल सुरक्षा इकाई से संबंधित संचालित योजना और आईसीडीएस एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं का बिंदु बार अवलोकन किया गया।
बैठक में सर्वप्रथम उपायुक्त के द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई एवं समाज कल्याण विभाग अंतर्गत जिला, प्रखंड एवं सेक्टर स्तर पर स्वीकृत एवं कार्यरत कार्यबल की स्थिति का जायजा लिया गया, तत्पश्चात जिला में संचालित ऑब्जर्वेशन होम, छाया बालिका गृह, बाल कुंज बालक बालगृह समेत अन्य संचालित गृह में आवासित बच्चों की संख्या आदि की जानकारी पीपीटी के माध्यम से प्राप्त की गई। इस दौरान उपायुक्त के द्वारा जिला अंतर्गत बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल श्रम और वित्तीय सहायता से आच्छादित 18 वर्ष से कम उम्र के देखरेख एवं संरक्षण वाले बच्चों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही मिशन वात्सल्य योजना तहत संचालित स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर कार्यक्रम तहत संपादित कार्यों एवं लाभान्वित बच्चों की जानकारी ली गई।
समीक्षा उपरांत उपायुक्त के द्वारा बाल संरक्षण के विभिन्न कार्यक्रमों में कार्यरत सभी कर्मियों को सजग होकर कार्य करने का निर्देश दिया गया। साथ ही कठिन परिस्थिति में रहने वाले परिवारों के बच्चों को ज्यादा से ज्यादा चिन्हित कर उनके बेहतर पालन पोषण हेतु फोस्टर केयर एवं स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम अंतर्गत जोड़ने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि ऐसे परिवार के बच्चे को बाल तस्करी, बाल श्रम एवं पलायन आदि के खतरों से बचाया जा सके। इसके अलावा जिले में संचालित विभिन्न गृह में रह रहे बच्चों का पुनर्वास हेतु उनकी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही हेतु बाल कल्याण समिति को निर्देशित किया गया।बैठक में आईसीडीएस एवं पोषण 2.0 अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त के द्वारा जिला में आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की स्थिति एवं विभिन्न योजना से स्वीकृत भवन निर्माण की प्रगति तथा उक्त भवन में शौचालय, पेयजल, विद्युत कनेक्शन पोषण वाटिका के अलावा सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के तहत चिन्हित 1208 आंगनवाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति का क्रमशः जायजा लिया गया। इसके साथ ही बैठक में कार्यरत सेविका एवं सहायिका की स्थिति, आंगनबाड़ी केंद्र खुलने तथा पोर्टल पर प्रविष्टि की स्थिति, सेविका-सहायिका का आयुष्मान योजना तहत पंजीकरण एवं लाभुकों का एफआरएस एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया।
समाज कल्याण विभाग तहत संचालित कार्यों का समीक्षा उपरांत उपायुक्त के द्वारा सभी पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पोर्टल पर अपडेट करने, नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित केंद्र को स्थानांतरित कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सेविका-सहायिका के रिक्त पदों पर चयन करने हेतु निर्धारित ग्राम सभा से संबंधित प्रतिवेदन, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के तहत प्रति केंद्र मिलने वाली ₹10000/- राशि के विरुद्ध कार्य योजना का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने, साथ ही आंगनवाड़ी कर्मी के निजी भवन में संचालित केंद्र को यथाशीघ्र वहां से स्थानांतरित करने और कार्य में कोताही बरतने वाले सेविका/सहायिका/सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया गया।



