Ranchi: अनुदान राशि मे 75 फीसदी वृद्धि के संलेख को वित्त विभाग भेजने व राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर वित्त रहित शिक्षकों ने विधानसभा के सामने उपवास पर रहकर दिया महाधरना

फोटो- विधान सभा के समीप धरना देते वित्त रहित शिक्षक

मुसाबनी: अनुदान राशि मे 75 फीसदी वृद्धि के संलेख को वित्त विभाग भेजने व राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर सैकड़ो वित्त रहित शिक्षकों ने मंगलवार को विधानसभा के सामने उपवास पर रहकर महाधरना दिया।धरना के बाद मोर्चा के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। महा धरना पर सभी शिक्षकों ने एक स्वर से कहा कि सरकार के सदन में आश्वासन एवं मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्र पर भी कार्मिक विभाग कार्रवाई नहीं कर रही है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इसके लिए दो-दो स्मार पत्र भी भेज चुका है। लेकिन कार्मिक विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

75 फीसद अनुदान वृद्धि के संलेख दो बार वित्त विभाग से पैसे के कमी को दिखाकर प्रशासी विभाग को लौटा चुका है। पुण: शिक्षा विभाग संचिका वित्त विभाग को भेज रहा है। वित्त विभाग के जल्दी सहमति के लिए मोर्चा आज महा धरना दिया।
 महा धरना पर चंदेश्वर पाठक, अरविंद सिंह, फजलुल कादरी अहमद, मनीष कुमार, देवनाथ सिंह, नरोत्तम सिंह, रणजीत मिश्रा, कुंदन कुमार सिंह, रेशमा बेक, बिरसो उराव, मुरारी प्रसाद सिंह आदि ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहे कि जब तक सड़क पर उतरकर हम संघर्ष नहीं करेंगे तो सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेंगे। इसके लिए सभी को संकल्प लेकर सड़क पर उतरना पड़ेगा।

मोर्चा अब आगे राजभवन का घेराव करेगा और राज भवन पर महा धरना देगा। मोर्चा दोनों बिंदुओं पर अप्रैल के प्रथम सप्ताह में माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करेगा। मोर्चा के नेताओं का कहना था कि विगत 4 वर्षों से राज्य कर्मी का दर्जा देने की संचिका कार्मिक विभाग में लंबित है। और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

75 फीसद अनुदान वृद्धि के संलेख को बार-बार वित्त विभाग लौटा रहा है। महा धरना पर हजारों शिक्षकों ने एक स्वर से न्यायालय में जाने का निर्णय लिया। मोर्चा आज महा धरना पर 75 फीसद अनुदान वृद्धि एवं राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांगों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करेगा।

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post