Musabani: हिन्दू नव वर्ष पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के बच्चों ने निकाली विशाल प्रभात फेरी

वर्ष प्रतिपदा के दिन हीं ब्रह्मा जी ने की थी सृष्टि का सृजन- बाबू लाल


मुसाबनी: रविवार को बी डी एस एल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में "वर्ष प्रतिपदा उत्सव"हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा प्रात: न्यू कॉलोनी शिव मंदिर से घोष दल के साथ प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी बस स्टैण्ड नंबर 3 हॉस्पिटल चौक होते हुए विद्यालय पहुँची।

इस विशेष अवसर पर दीपक इंजीनियरिंग वर्क्स द्वारा संतरा कोल्ड ड्रिंक, हरिहर ट्रेडिंग द्वारा चॉकलेट, बासुकीनाथ सेवा समिति द्वारा आइसक्रिम, राजस्थान होटल द्वारा जलेबी, मारवाड़ी महिला समिति द्वारा जल जीरा कोल्डड्रिंक, जय हिन्द क्लब द्वारा मिठाई एवं नमकीन, बजरंग भंडार द्वारा 
जलजीरा पेय दिनेश साव द्वारा लीची शर्बत, टी सी मेडिकल, पवन सिंहानिया एवं बाबु लाल सिंह द्वारा अलग- अलग स्थानों पर भैया/ बहनो को चॉकलेट दिया गया।


वर्ष प्रतिपदा उत्सव के अवसर पर विद्यालय में शाखा लगी जिसमें विद्यालय के सचिव बाबुलाल सिंह द्वारा हिंदू नववर्ष के इतिहास एवं इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि चैत्र मास, हिन्दू पंचांग के अनुसार एक बहुत ही महत्वपूर्ण माह है। चैत्र मास का महीना न केवल महत्वपूर्ण पर्वों का समय होता है, बल्कि प्रकृति के लिए भी यह एक विशेष समय होता है। वर्ष प्रतिपदा के साथ ही हिन्दू नववर्ष का प्रथम दिन माना जाता है। इस दिन ब्रह्मा जी ने संपूर्ण सृष्टि का सृजन किया था और पांडवों का राज्याभिषेक भी हुआ था। विक्रम संवत का नामकरण भी इसी महीने में हुआ था। 


चैत्र नवरात्र का आरंभ भी इस महीने में होता है, जो नौ दिनों तक चलता है और नौ देवियों की पूजा किया जाता है। विद्यालय की प्रधानाचार्या रूमी सरकार ने भी छात्राओं को बताया कि नववर्ष की शुरुआत के समय पर मान्यता है कि प्राचीन ऋषि महाराज विक्रमादित्य ने हिंदू पंचांग को संशोधित किया और नववर्ष की शुरुआत को इस दिन मनाने का निर्णय किया था। इस पर्व को विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे ‘विक्रम संवत्’, ‘चैत्र नवरात्रि’, ‘नव संवत्सर’ आदि।


कार्यक्रम के उपरांत विद्यालय में प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सह सचिव चौधरी उमेश सिंह, प्रधानाचार्या रुमी सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मिथिलेश पांडेय,भरत शर्मा, विशाल रजक, देबाशीष दत्ता, प्रतिमा कुमारी, ललिता शर्मा, पुतुल झा, सरिता शर्मा, चंदन मंडल, तपन मिश्रा, बिजय पाल, जिबानंद पाल, ईशा लामा समेत समस्त विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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