• भुक्तभोगी शिक्षक ने उपायुक्त से लिखित शिकायत कर मांगा न्याय, 27 मार्च की घटना
• पूर्व में एडीपीओ भी डीईओ के विरुद्ध अभद्र व्यवहार व मारपीट की, डीसी से कर चुके शिकायत
• पीएमश्री विद्यालय में मार्च के अंतिम सप्ताह में फर्जी बिल व वाउचर को लेकर घेरे में शिक्षा विभाग
चाईबासा/संतोष वर्मा: चाईबासा पीएम श्री विद्यालयों में गतिविधियां संचालित करने को लेकर मार्च के अंतिम सप्ताह में आनन-फानन में दो करोड़ रुपये की राशि खर्च करने के लिए शिक्षकों पर दिये जा - रहे दबाव के बीच एक नया प्रकरण प्रकाश में आया है। चक्रधरपुर अनुमंडल के पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय रोलाडीह के सहायक शिक्षक अजय कुमार महतो ने जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो पर गंभीर आरोप लगाते हुए उपायुक्त कुलदीप चौधरी से लिखित शिकायत की है। शिकायतकर्ता शिक्षक अजय कुमार महतो ने जिला शिक्षा पदाधिकारी पर मारपीट व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
बताया कि 27 मार्च को चाईबासा में पीएमश्री प्लस 2 जिला 'उच्च विद्यालय में जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जिलास्तरीय सभी पीएमश्री विद्यालयों का सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में हमारे विद्यालय के बच्चों ने भी भाग लिये। कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात मैं और हमारे प्रधानाध्यापक जिला शिक्षा - पदाधिकारी कार्यालय में कक्षा-9 एवं कक्षा 10 का प्रैक्टिकल • मार्क्स जमा करने के लिए गये थे।
इसी दौरान हमारे प्रधानाध्यापक को पीएमश्री स्कूल के लिए बिल वाउचर प्रदान किया जा रहा था। हमारे प्रधानाध्यापक ने बिल वाउचर ले लिए और कक्षा-9 एवं कक्षा-10 का प्रैक्टिकल मार्क्स की फाइल जमा करने के लिए लिपिक के पास गये थे। परन्तु उन्होंने जैक 3 कार्यालय का आदेश प्राप्त नहीं होने के कारण जमा नहीं लिया। इसके तुरंत बाद लिपिक जितेन बांकुड़ा ने फोन कर डीईओ सर का बुलावा कहकर शाम 5:18 बजे मुझे कार्यालय बुलाया। थोड़ी देर बाद डीईओ अपने कार्यालय कक्ष पहुंचे तो लिपिक ने डीईओ कक्ष में जाने को कहा।
कार्यालय में घुसते ही डीईओ, ने मुझे अपशब्द कहना शुरू कर दिया और अपनी कुर्सी से उठकर दरवाजा के पास आकर मेरे को गाल में जोर से एक तमाचा मारा जिससे मेरा चश्मा नीचे गिर गया और टूट गया। उसके बाद से मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए शिक्षक ने कहा कि इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी कार्यालय के लिपिक जितेन बांकुड़ा एवं लेखपाल अनुषा कुमारी और इसका साक्ष्य कार्यालय में लगे सीसीटीवी से मिल सकता है। शिक्षक ने यह भी कहा कि मेरे अलावे पूर्व में एडीपीओ के साथ भी मारपीट हुई थी जिसकी लिखित उपायुक्त से की गयी थी। इसके बाद अब तक न्याय नहीं मिला।
आखिर जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा क्यों हो रहा विवाद
यह भी जाने आखिर जिला शिक्षा पदाधिकारी से ही क्यों होती है......
जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा विवाद होने का मुख्य कारण अतिरिक्त वाहन किराए पर रखने और उसके भुगतान के लिए दबाव डालना है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दो वाहनों के अलावा एक अतिरिक्त वाहन किराए पर रखा है, जिसका किराया प्रतिमाह 31,000 रुपये है। इस वाहन के भुगतान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव डाल रहे हैं।
इस मामले में, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा किए गए दुर्व्यवहार और दबाव की शिकायत की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है और नियम विरुद्ध रखे गए वाहन के भुगतान के लिए दबाव डाला है।
यह मामला जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने और अपने निजी स्वार्थ के लिए दबाव डालने का एक उदाहरण है। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा किए गए दुर्व्यवहार और दबाव के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सके।
