जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम साननंदा में सरना सह जयरा स्थल पर माघ पूर्णिमा के अवसर पर मागे पर्व महोत्सव मनाया गया

हो आदिवासी समुदाय का पारंपरिक पर्व व सृष्टि के निर्माता से पूजा अर्चना कर गांव के खुशहाली और सभी लोगो के लिए आशीर्वाद मांगा

विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा- यह पर्व हम सभी हो आदिवासी समुदाय का एक पारंपरिक पर्व है, एवं सृष्टि के निर्माता को पूजा अर्चना किया जाता है

मागे पर्व पर विधायक सोना राम सिंकु ग्रामिणों संग नगाड़ा व मांदर की थाप पर जमकर थिरके


चाईबासा/संतोष वर्मा: जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय के साननंदा में मागे पर्व पर लोगों ने नगाड़ा व मांदर की थाप पर किया नृत्य, विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा- यह पर्व हम सभी हो आदिवासी समुदाय का एक पारंपरिक पर्व है। एवं सृष्टि के निर्माता को पूजा अर्चना किया जाता है.  ग्राम साननंदा में सरना सह जयरा स्थल पर माघ पूर्णिमा के अवसर पर मागे पर्व महोउत्सव मनाया गया.



विधायक  सोनाराम सिंकु, धर्मपत्नी श्रीमती तुलसी सिंकु, बेटी प्रतिमा सिंकु, ईशा सिंकु एवं बेटा जगप्रीत सिंकु आदि परिवार संग मागे पर्व में शामिल हुए. सरना स्थल में पूर्व ग्राम दिउरी नजीर लागुरी के उपस्थिति में मुख्य दीउरी सरीम लागुरी, सहायक दिउरी मनोज बोबोंगा, सुशील लागुरी, लक्ष्मण गागराई, मंगल लागुरी, अजय देवगम, मानसिंह लागुरी, प्रकाश लागुरी, जयपाल गागराई आदि कुल 13 लोगों ने हो आदिवासी समुदाय का पारंपरिक पर्व व सृष्टि के निर्माता से पूजा अर्चना कर गांव के खुशहाली और सभी लोगो के लिए आशीर्वाद मांगा. 


विधायक सोनाराम सिंकु ने सरना स्थल में परिवार संग दर्शन किए और गांव की सुख शांति के लिए कामना किए। साथ ही सभी को मागे पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दिए.मागे पर्व के दौरान विधायक सोनाराम सिंकु ने नगाड़ा और मांदर बजा कर लुप्त उठाया। साथ ही परिवार एवं गांव के बच्चे-बूढ़े एवं महिलाओं के साथ मांदर की थाप पर जमकर हो आदीवासी समुदाय का नृत्य किया. गांव में मागे पर्व को लेकर गांव के छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं काफी उत्साहित थे. सभी लोगों ने नए कपड़े पहन कर धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मिलकर मागे पर्व मनाया. 


मौके पर रमेश हेंब्रम, रामकिशन लागुरी, नागेंद्र लागुरी, सोमनाथ लागुरी, लक्ष्मी नारायण लागुरी, रसिका लागुरी, बुधन गागराई, मथुरा लागुरी, अजीत गागराई, गुरुचरण लागुरी, शशि लागुरी, हरीश लागुरी, विनीत लागुरी, विकास देवगम, सोमा देवगम, नजीर देवगम, श्याम सुन्दर लागुरी, जयराम गागराई, रामेश्वर देवगम, सुरेश लागुरी, नारायण लागुरी, बिरसा गागराई आदि साननंदा गांव के समस्त ग्रामीण मौजूद थे।

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