चाईबासा/संतोष वर्मा: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त मार्गदर्शन पर जिला उपायुक्त कुलदीप चौधरी के निर्देशानुसार प्रखण्ड सभागार सदर चाईबासा में “सुरक्षित इंटरनेट दिवस” पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन सहायक समाहर्ता-सह-प्रशिक्षु आईएएस अर्नव मिश्रा, डीआईओ संजीव कुमार, एडीआईओ मनिष जांगीड़, ईडीएम साकीब सलाम खान सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीपप्रज्ववित कर किया.कार्यशाला में जिला स्तरीय अधिकारियों, कार्यरत प्रधान लिपिक/ सहायक/ कम्प्यूटर ऑपरेटर, VLEs, ICT Instructor व अन्य कर्मियों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करने से संबंधित जानकारी दी गई. साइबर अपराध से संबंधित किसी भी शिकायत को अविलम्ब Helpline No-1930 पर एवं www.cybercrime.gov.in पर करने की बात बतायी गयी. इस कार्यक्रम में इंटरनेट सुरक्षा और जागरूकता पर मुख्य विषय रहा.
जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (डीआइओ) संजीव कुमार ने उपस्थित लोगों से इंटरनेट का सावधानी पूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि इंटरनेट का उपयोग करते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है, कि साइटें प्रामाणिक हो, सलाह दी कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी को फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अनावश्यक रूप से साझा करने से बचना चाहिए. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके डोमेन की जांच करना बेहद जरूरी है. फर्जी साइटों से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है. किसी भी एसएमएस के माध्यम से प्राप्त लिंक को खोलने से पहले उसकी जांच - पड़ताल कर लेनी चाहिए.
इंटरनेट का उपयोग करते समय अन्य महत्वपूर्ण सावधानियाँ बरतने की अपील की. कहा कि इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता अति आवश्यक है.साइबर खतरों से बचने के लिए कभी भी कॉल्स पर अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे OTP, आधार, पैन या बैंक विवरण साझा न करें. अनियंत्रित आधार भुगतान सूचनाओं से सतर्क रहें. कभी भी अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक ना करें, जो KYC अपडेट के बहाने आपकी संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए निवेदन करे. सहायक जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (एडीआईओ) मनिष जांगीड़ द्वारा युवाओं के मोबाईल रूझान को देखते हुए उनके द्वारा कहां गया कि आज युवा अधिकतर समय मोबाईल पर व्यतीत कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर हमेशा उपलब्ध हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि अपना सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रखा जाय.
युवा अपनी जिम्मेवारी निभाते हुए अपना डेटा सुरक्षित रखें. अपने घर के सदस्यों से जुड़ी कोई भी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करें. आज एआई (AI) जैसे एप से लोग किसी की फोटो अन्य किसी वीडियो में इस्तेमाल कर उसे ठगी का शिकार बना रहे हैं. आवाज को क्लोन किया जा रहा है। बेहतर है, कि बिना किसी जरूरत के अपना कोई फोटो या वीडियो किसी सोशल मीडिया पर साझा करने के बजाय इंटरनेट का इस्तेमाल किसी बेहतरी के लिए किया जाए. अपना व्यवसाय इंटरनेट के माध्यम से बढ़ा सकते हैं.ईडीएम साकीब सलाम खान द्वारा भी जन्म तिथि, नाम इत्यादि को न रखने की सलह दी गई.
भिन्न बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए पासवर्ड को बनाने हेतु विचार साझा किया गया। पासवर्ड कम से कम 08-12 अक्षरों का रखना चाहिए। जिसमें अक्षर, नम्बर एवं विशेष चिन्ह होने चाहिए.कार्यशाला में भाग लिये कार्यरत प्रधान लिपिक/ सहायक/ कम्प्यूटर ऑपरेटर, VLEs, ICT Instructor व अन्य कर्मियों नें इंटरनेट सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए। लोगों नें आप बीती बातों का भी उल्लेख किया। जिससे वहाँ उपस्थित लोगों के बीच जागरूकता का माहौल दिखायी दिया. इस कार्यशाला का उद्देश्य इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में जागरूकता फैलाना और एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण की स्थापना में सहयोग करना हैं.




