बीस साल में भी आयुर्वेदिक कॉलेज भवन का अधुरा कार्य को पुरा कराने में विभाग और जिला प्रशासन नाकाम रहे

दूसरी बार विधायक बने सोना राम सिंकु ने उक्त अधूरे कार्य को पुरा कराने के लिए एक बार फिर से स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी से मांग की

विधायक सोना राम सिंकु ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से जगन्नाथपुर और छोटानागरा हॉस्पिटल को हाइटेक करने और सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की


चाईबासा/संतोष वर्मा: बीस साल में भी आयुर्वेदिक कॉलेज भवन का अधुरा कार्य को पुरा कराने में विभाग और जिला प्रशासन नाकाम रहे, वहीं दूसरी बार विधायक बने सोना राम सिंकु ने उक्त अधूरे कार्य को पुरा कराने के लिए एक बार फिर से स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी को पत्र लिख कर मांग की है। विभाग और प्रशासन के उदासीन रवैया और लापरवाही से पश्चिमी सिंहभूम जिले में जगन्नाथपुर में चाइबासा आयुर्वेदिक कॉलेज भवन का कार्य विगत बीस साल से अपने पुरा होने का इंतज़ार कर रही है।

विदित हो कि इस कॉलेज में तीन यूनिट बनाया गया है, जिस में दो यूनिट विभाग के द्वारा स्वास्थ्य विभाग से टेंडर के माध्यम से बनाया गया है, वहीं कॉलेज भवन की स्वीकृति भूत पूर्व मंत्री भानु प्रताप के कार्यकाल में विभागीय रूप से कराई जा रही थी, जिसका कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, चाइबासा था।

इस योजना को पुरा कराने के लिए सोना राम सिंकु अपने पहली पारी में यानी 2019 में विधायक बनते ही लगातार जिला स्तर और विभागीय मंत्री से मिल कर NOC लेते हुए जिला के DMFT फंड से पुरा करने के लिए शासी परिषद और प्रबंधकीय समिति से पारित कराते हुए विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति हेतू प्राक्कलन भेजा गया है, लेकिन वही पुरानी स्थिति में ढाक के तीन पात वाली बात है, विभागीय अधिकारियों की अड़चन से स्वास्थ्य सेवा जैसी योजना को भी धरातल पर नहीं उतरने देते हैं.

विधायक सोना राम सिंकु ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से जगन्नाथपुर और छोटानागरा हॉस्पिटल को हाइटेक करने और सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की

कहा मेरे विधानसभा क्षेत्र के जगन्नाथपुर CHC स्वास्थ्य केंद्र में सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में जनता को आवश्यक स्वास्थ्य सेवा की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण ओड़िशा राज्य में मरीज अपने इलाज करवाने के लिए बाध्य हैं। आर्थिक रूप से कमजोर गरीब जनता, विशेष कर आदिवासी समुदाय के गरीब तबके के मरीजों को बाहर से इलाज कराना काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है।

इसी तरह से सारंडा का सेंटर माने जाने वाले सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के छोटानागरा PHC स्वास्थ्य केन्द्र में भी स्वास्थ्य सुविधा नहीं है, सारंडा के गरीब आदिवासी जनता को सम्पूर्ण इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण जान गंवाना पड़ता है। दोनों स्वास्थ्य केन्द्र में मौलिक स्वास्थ्य सेवा का अभाव है। दोनों स्वास्थ्य केंद्र को हाईटेक हॉस्पिटल के तर्ज पर सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में अग्रेतर कारवाई करने की मांग की।

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