सूत्रों के अनुसार झामुमो का ही डमि प्रत्याशी है आजसू के दिनेश चंद्र बोईपाई, राजनीतिक चर्चाओं में मनोहरपुर विधानसभा
जगत मांझी के पीछे बड़े बड़े पूंजीपतियों और धनकुबेरों का साथ होने से दिलबर का चुनाव जीत पाना एक बड़ी चुनौती है
चाईबासा/संतोष वर्मा: मनोहरपुर विधानसभा चुनाव के खास ख़बर में आपका स्वागत है. दिवंगत शहीद देवेन्द्र मांझी की पत्नी वर्तमान सांसद जोबा मांझी ने पच्चीस साल से मनोहरपुर को अपने पकड़ में रखी है. बिहार सरकार के समय से ही विधायक बन कर मंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त कर चुकीं है, झारखंड सरकार में कई बार मंत्री भी रहीं हैं, हेमंत सोरेन के करीबी होने के कारण आज सिंहभूम की सांसद भी है, सांसद बनने के बाद मनोहरपुर सीट से अपने उत्तराधिकारी जगत मांझी को झामुमो से टिकट दिलाने में सफल रहीं हैं.
लेकिन आश्चर्यजनक बात जो सामने आयी है और पूरे राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि आजसू के प्रत्याशी का चयन में भी जोबा मांझी का हाथ माना जा रहा है. ऐसे में यह कहा जा रहा है कि झामुमो और आजसू एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. इस चर्चा में दम है, इसलिए कि आजसू से सबसे प्रबल दावेदार दिलबर खाखा थे जिसे सुदेश महतो ने अन्तिम समय तक होल्ड कर रखा था. प्रदेश स्तर के आजसू नेता के अनुसार जोबा मांझी के राजनीतिक गुरु नज़्म अंसारी के चक्रव्यूह रचने के कारण दिलबर का नाम के जगह दिनेश चंद्र बोईपाई को टिकट दिलाने की रणनीति बनी और सुदेश महतो को मैंनेज करने में सफल रहे.
दिलबर खाखा अन्तिम समय में इसकी भनक लगते ही, जयराम महतो की पार्टी से सम्पर्क करने और टिकट लेने में सफल रहे. आज जोबा मांझी को सिर्फ दिलबर खाखा की चिन्ता है, इसलिए कि मनोहरपुर विधानसभा में जयराम महतो का क्रेज और हवा सुदेश महतो से अधिक माना जा रहा है. आजसू पर भारी है, जयराम की पार्टी JLKM. चर्चा के अनुसार झामुमो का डमी आजसू होने से जगत का सीधा टक्कर दिलबर के साथ होने की बात कही जा रही है. पच्चीस साल से अधिक समय से कोल्हान में राजपाट बनाए रखने वाली मांझी परिवार अपनी राजनीतिक विरासत को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं.
अब देखना है कि दिलबर अपने पार्टी के युवा वर्ग के सबसे लोकप्रिय नेता जयराम महतो के पार्टी के सहारे मांझी परिवार के किले को भेद पातें हैं कि नहीं. मनोहरपुर विधानसभा में महतो वोटर का रुझान JLKM के तरह देखा जा रहा है वही दिलबर को ईसाई मत मिलने का भरोसा है. इस चुनाव में बाहरी भीतरी भी बड़ा मुद्दा है, स्थानीय उम्मीदवार की बात उठने लगा है. परिवारवाद सबसे बड़ा मुद्दा बनाने में लगे हैं निर्दलीय प्रत्याशी. मनोहरपुर विधानसभा में जितने भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, उन सभी में सांसद पुत्र जगत मांझी का जनता में अधिक पकड़ देखी जा रही है, उसके बाद दिलबर खाखा का नाम लिया जा रहा है बाकि का बीते चुनाव का इतिहास और मिले वोट से उसकी पकड जनता के बीच कितनी है, इसका अंदाज़ लगाया जा सकता है.
इस बार मांझी और खाखा के बीच चुनावी समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. यूँ कहा जा सकता है कि दस साल से आनंदपुर को सम्भाल रहे दिलबर खाखा परिवार अब मनोहरपुर विधानसभा को सम्भालने की तैयारी में हैं. सूत्रों के अनुसार मांझी परिवार के पास नजम अंसारी जैसा अनुभवी राजनीतिक सलाहकार है जो हर प्रस्थिति में माझी परिवार को हर संकट से निकालने का काम किया है.
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