चाईबासा: आदिवासी "हो" समाज युवा महासभा,ओढ़िशा एजुकेशन ट्रस्ट एवं ट्राईबल इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज की ओर से कोटगढ़ पंचायत भवन में माइनिंग बेल्ट के विद्यार्थियों और बेरोजगार युवा-युवतियों के लिए कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम रखा गया। काउंसिलिंग कार्यक्रम में मेडिकल, टेक्नीशियन, मेडिकल, माइनिंग एवं आदिवासी उद्यमिता के क्षेत्र में जानकारी दिया गया। मेडिकल तथा तकनीकी शिक्षा में आदिवासी छात्र-छात्राओं तथा बेरोजगार युवकों को सरकार की छात्रवृति योजना तथा आदिवासी उद्यमिता के विकास तथा इसके लाभ के संबंध में उपस्थित लोगों को प्रोत्साहित किया गया।
आदिवासी "हो" समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने उपस्थित लोगों से कहा कि आदिवासी समाज के परिवार में अभिभावकों की ओर से नही के बराबर कैरियर गाइडेंस मिलता है। बढ़ती आबादी में सबको नौकरी मिलना संभव नही है। हरेक नागरिक में आर्थिक विकास होना ही सामाजिक कल्याण है। अपील है कि आदिवासी युवा मेडिकल, तकनीकी, मैनेजमेन्ट और उद्यमिता के फील्ड में डिग्री और सोर्ट टर्म कॉर्स करें। जिससे स्वयं की व्यवसाय खड़ा किया जा सके। ट्राईबल इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज से जुड़कर वेन्डर डेवलोपमेन्ट प्रोग्राम का लाभ लें। टिक्की के प्रतिनिधि अनमोल पिंगुवा ने डिस्प्ले के माध्यम से आदिवासी उद्यमिता बनने के उचित सलाह दिये।
ओढ़िशा एजुकेशन ट्रस्ट के संस्थापक मनीष राऊत, प्रशासनिक अधिकारी आनंद राव और प्लेसमेन्ट अधिकारी मनोरंजन त्रिपाटी ने एएनम, जीएनएम, डी फार्मा, आईटीआई, माइनिंग तथा कंप्युटर कोर्स के बारे में आदिवासियों की सरकारी छात्रवृति योजना के माध्यम से डिग्री लेने की जानकारी दिये और योजना से जुड़ने के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
इस अवसर पर आदिवासी "हो" समाज युवा महासभा प्रदेश कमिटि के निर्वतमान सचिव शंकर चातोम्बा, कोषाध्यक्ष शंकर सिधु, दियुरी सदस्य सुशील पुरती, मुखिया सह अनुमंडल उपाध्यक्ष बामिया चांपिया, विक्रम सिधु, बलदेव केराई, मसकल चांपिया, सुनील चांपिया, रोया लागुरी, रमेश मार्ली, महाती बलमुचू, सुकरा तिरिया, अरूण चातोम्बा, सोनी कालुन्डिया आदि लोग मौजूद थे।