चाईबासा: झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत कुछ प्रखंड के गांवों में जून के अन्तिम सप्ताह तक भी बारिश नहीं होने से उस क्षेत्र के किसान काफी परेशान और चिंतित दिखे। पश्चिमी सिंहभूम जिला में अधिकांश किसान धान की बुनाई सामान्यतः 13 माई के आस पास से ही शुरू कर देते हैं परन्तु इस बार कुछ क्षेत्रों में अभी भी मात्र 30 प्रतिशत तक ही बुन पाए हैं। और वो भी बारिश नहीं होने के कारण यूं ही सुखे पड़े हुए हैं।
भीष्म गर्मी का दंश झेल रहे उन तमाम गांवों में से करकट्टा गांव भी एक गवाह है। यहां का खेत अभी भी एक बूंद पानी के लिए तरसती नजर आती है। अब किसानों को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि करें तो क्या करें।पर जिला के कुछ क्षेत्रों में काफी अच्छा बारिश भी देखने को मिल रहा है जिसमें जगन्नाथपुर प्रखंड के जमडीह गांव इत्यादि में पानी खेतों में अभी भी देखने को मिल सकता है। और उस क्षेत्र में धान की हरियाली भी लहलहाती हुई आपको नजर आएंगी।
इस प्रकार एक ही जिला में मौसम की बेरुखी सौतेली व्यवहार को देखकर कांग्रेस प्रवक्ता जगदीश सुन्डी ने कहा हमने शनिवार को जगन्नाथपुर प्रखंड के अंतर्गत कुछ क्षेत्र के खेतों में लबालब भरा पानी भी देखा तो कुछ रेगिस्तान की भांति एक बूंद पानी के लिए तरसती हुई खेतों को। अब तो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रकृति अब हम सबसे बदला लेने को तैयार खड़ी है क्योंकि प्रकृति को प्रदूषित और नष्ट करने में हम सबने कोई कसर नहीं छोड़ा।इन सारी समस्याओं का एक ही समाधान हरेक व्यक्ति कम-से-कम तीन पौधे अवश्य लगाएं।
