हां यह वही सुजीत कुमार है, जो लघु सिंचाई प्रमंडल के अधीन चक्रधरपुर अवर प्रमंडल में कनीय अभियंता के पद पर विगत सात साल से अधिक समय से कार्यरत हैं
हो सकता है सुजीत कुमार पर आय से अधिक सम्पत्ति का मामला दर्ज
चाईबासा/संतोष वर्मा : कौन है सुजीत कुमार,जिसकी चलती के आगे चुनाव आयोग का आदेश भी कोरा कागज़ की तरह साबित हो रहा है। हां यह वही सुजीत कुमार है, जो लघु सिंचाई प्रमंडल के अधीन चक्रधरपुर अवर प्रमंडल में कनीय अभियंता के पद पर विगत सात साल से अधिक समय से कार्यरत हैं, साथ ही अपनी पहुंच और पैरवी से अधिक्षण अभियंता के कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर विराजमान हैं। चाइबासा अंचल में एक करोड़ तक राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कि निविदा में तकनीकी रूप से सीएस जांच कर अधिक्षण अभियंता से संवेदकों को कार्य आवंटित कराने की भूमिका निभाने का काम करतें हैं।
इन दिनों सुजीत कुमार की कार्यशैली की चर्चा जोरों पर है। हाल के दिनों में राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय योजना की निविदा में आर्थिक सवार्थ के दृष्टिकोण से फेल संवेदक को पास करने की चर्चा जोरों पर है, जो जांच की आवश्यकता है। उपेक्षित संवेदकों की एक ग्रुप ने अपने नाम को गोपनीय रखने के हवाले से बताया है कि सुजीत कुमार सीएस अनुमोदन में जैसा चाहतें हैं, वैसा ही अधिक्षण अभियंता करतें हैं। सुजीत कुमार अधिक्षण अभियंता के नाम पर वसूली करतें हैं।
सूत्रों की माने तो तीन संवेदक सुजीत कुमार का स्टिंग ऑपरेशन भी किए हैं, जो समय पर जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत कर सकतें हैं। संवेदकों से सीएस के नाम पर चार पर्सेंट कमिशन वसुली किए जाने की बात कही जा रही है, सभी आरोपों की जांच केन्द्रीय एजेंसी से कराने पर स्पष्ट मामला उजागर हो जायेगा। सुजीत कुमार को विभाग सात साल से अधिक समय तक किस रूप में एक ही जगह पर रखा है, विभाग कियू चुनाव आयोग के निर्देश के आधार पर तीन साल से चार साल तक वाले नियम के आधार पर स्थानांतरण नहीं कर रही है। ऐसा लगता है कि सुजीत कुमार जल संसाधन विभाग को अपने पॉकेट में रखतें हैं।
सूत्रों के अनुसार सुजीत कुमार के द्वारा विकास योजनाओं में अवैध कमिशन वसुली की गई राशि से अवैध संपत्ति अर्जित किए जाने की भी जानकारी मिल रही है,जिसकी जांच करना जनहित में आवश्यक है। सुजीत कुमार पर आय से अधिक सम्पत्ति का मामला दर्ज कराया जा सकता है। लघु सिंचाई प्रमंडल चाइबासा के अधीन चक्रधरपुर अवर प्रमंडल में पदस्थापित सुजीत कुमार अधिक्षण अभियंता मनोहर प्रसाद के तकनीकी सहायक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
जल संसाधन विभाग सुजीत कुमार पर इतना क्यों मेहरबान हैं की सात साल से अधिक समय तक स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। चुनाव आयोग का आदेश सुजीत कुमार पर क्यों लागु नहीं हो रहा है। जल संसाधन विभाग अब तक चुनाव आयोग के निर्देश का अनुपालन कियू नहीं कर रही है। सुजीत कुमार की अवैध संपत्ति की जांच किया जा सकता है।
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