अधिकारियों व राजनीतिज्ञों में भय व दहशत का माहौल
चाईबासा/संतोष वर्मा : झारखंड राज्य के पश्चिमी सिंहभूम जिला में विकास राशि की लूट में शामिल सफेदपोस नेता, अधिकारी और अभियंताओं की खैर नहीं है। पश्चिमी सिंहभूम जिला में डीएमएफटी फंड को सांसद निधि और विधायक निधि की तरह जिला प्रशासन ने योजनाओं की अनुशंसा करा कर अभियंताओं की मिलीभगत से लूट की गई है। इसकी जांच केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा जांच रिपोर्ट तैयार किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।
यह मामला पूर्व डीसी अरवा राज कमल के समय और विशेष कर तत्कालीन डीडीसी संदीप बक्शी के समय काल में विकास राशि की लूट की जांच भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष बिपिन पूर्ति की शिकायत पर होने की जानकारी मिल रही है। बिपिन पूर्ति ने राज्यपाल को लिखित रूप में शिकायत दर्ज कराई थी।साथ ही भाजपा के द्वारा गृह मंत्रालय को भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। संदीप बक्शी के कार्यकाल में डीएमएफटी फंड में व्यापक पैमाने में लूट हुई है।
गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में यह भी कयास लगाया जा रहा है कि तत्कालिन डीडीसी संदीप बक्शी का इस पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका रही है।संदीप बक्शी का डीडीसी में पदस्थापन कराने में जिला के तीन विधायकों ने अनुशंसा की थी।तत्कालिन डीडीसी संदीप बक्शी ने अपने लूट कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए माननीय लोगों को भी शामिल किया था।संदीप बक्शी के गाईड लाईन में डीएमएफटी की राशि कार्यपालक अभियंताओं के द्वारा संवेदकों से वसूली की जाती थी। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सुनील नाथ, वर्तमान कार्यपालक अभियंता जितेन्द्र पासवान के साथ साथ बीसीडी के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई के अभियंता ने मुख्य भूमिका निभाई है।
गृह मंत्रालय को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट में किस अभियंता, अधिकारी और माननीय की भूमिका रही है।इसकी जानकारी सामने आने तक जिला के राजनीतिज्ञों में हड़कंप मचा हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने चाईबासा में आयोजित एक सभा में साफ शब्दों में डीएमएफटी फंड की लूट की जांच की बात कही थी। वहीं भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी लगातार डीएमएफटी की योजना की जांच की बात कहते रहें हैं।
इस संबंध में सामाजिक संगठन और राजनीतिक दलों के द्वारा राज्य और केंद्र सरकार को इसकी शिकायत दर्ज कराया गया था। यहां तक की सत्ता पक्ष के जिला झामुमो कमिटी के बड़े नेता सोना देवगम ने भी पूर्व मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन से लिखित शिकायत दर्ज कराए थे। जिला ग्रामीण संवेदक संघ ने भी भारी कमिशन वसुली की शिकायत ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से मिलकर की थी। इसी क्रम में कमिशन वसुली के मामले में जिला के दो एजेंसी में छापेमारी कर एसीबी निगरानी विभाग के द्वारा रंगे हाथों कुछ अधिकारियों को घुस लेते पकड़ा गया था।
