जब सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा की है तो 1932 लागू क्यों नहीं करतेः पूर्व विधायक शशि सामड
चाईबासा : मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन चंद्रपुरा में पूर्व मंत्री जगन्नाथ महतो की पुण्यतिथि के अवसर पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आज नहीं तो कल 1932 आधारित स्थानीय नीति लाकर रहेंगे।इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आज संसदीय चुनाव कार्यालय चाईबासा में चक्रधरपुर के पूर्व विधायक शशि सामड ने कहा कि 1932 का खतियान कोल्हान में नहीं है, खुद मुख्यमंत्री का भी खतियान 1932 का नहीं है, सर्वे सेटलमेंट ही जब 1964 में हुआ हैं, तब ऐसे में 1932 खतियान का बात कर ,क्या मुख्यमंत्री कोल्हान की जनता को उनके अधिकार से वंचित करना चाहते हैं, या फिर यहां के जनता को 1932 खतियान के नाम पर दिगभ्रमित कर ठगना चाहते हैं।
पूर्व विधायक जवाहरलाल बानरा ने कहा कि, करीब 4 वर्षों से अधिक महागठबंधन झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस का सरकार झारखंड में है, किसी भी वर्ग के लिए कोई काम इस सरकार ने नहीं किया है उल्टे भ्रष्टाचार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल में बंद है।झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोग पार्टी छोड़ रहे हैं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी एनडीए गठबंधन ने 14 सीट पर अपना उम्मीदवार उतार दिया है, और राज्य भर की सभी 14 सीट पर भाजपा को जीताने के लिए संकल्पित है, और आने वाले विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस महागठबंधन का जाना तय हैं।
