जिला प्रशासन और राज्य सरकार टाटा और रूंगटा जैसे पूंजीपतियों के इशारे पर जनता की आवाज को दबाने के लिए जॉन मीरन मुंडा को लोकसभा चुनाव में लड़ने से रोकना चाहती है : जिप सदस्य माधव
चाईबासा : जनता के बुनियादी सवालों के लिए संघर्ष करने वाले मजदूर नेता सह झींकपानी के जिला परिषद सदस्य जॉन मीरन मुंडा को जिला प्रशासन के द्वारा चौथी बार सी०सी०ए का नोटिस भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना इस बात को दर्शाता है की जिला प्रशासन और राज्य सरकार टाटा और रूंगटा जैसे पूंजीपतियों के इशारे पर जनता की आवाज को दबाने के लिए जॉन मीरन मुंडा को लोकसभा चुनाव में लड़ने से रोकना चाहती है।
आदिवासी किसान मजदूर पार्टी की समझ है की पश्चिमी सिंहभूम के गरीबी का मुख्य कारण टाटा और रूंगटा जैसे बड़े पूंजीपतियों के द्वारा पश्चिमी सिंहभूम के खनिज संसाधन को लगातार लूटना और उस लूट में जिला के सांसद और विधायकों का भागीदारी होना।
इस बार के सांसद चुनाव में मजदूर नेता जॉन मीरन मुंडा को मजदूर, किसानों और आम लोगों का जिस तरीके से जनसमर्थन मिल रहा है पश्चिमी सिंहभूम लोकसभा सीट से आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के प्रत्याशी का जीत सुनिश्चित लग रहा हैं।
इन्ही बातों से घबराकर राज्य सरकार और बड़े पूंजीपति मिलकर साजिश के तहत जिला प्रशासन के द्वारा जॉन मीरन मुंडा के ऊपर सी०सी०ए की धाराएं लगवा रही है। आदिवासी किसान मजदूर पार्टी जॉन मीरन मुंडा के ऊपर लगे सी०सी०ए का पुरजोर विरोध करती है।
माधव चंद्र कुंकल (जिला उपाध्यक्ष)
आदिवासी किसान मजदूर पार्टी
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