छह माह तक झींकपानी तथा टोंटो थाना क्षेत्र से बाहर रहने का आदेश
जॉन ने कहा, लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी हूं। कैसे करुंगा चुनावी प्रचार?
ये भी कहा, डीसी ने फरियाद नहीं सुनी तो कोर्ट में दायर करूंगा याचिका
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त ने मजदूर नेता, झींकपानी के जिला परिषद सदस्य तथा लोकसभा चुनाव-2024 के प्रत्याशी जॉन मिरन मुंडा पर फिर से सीसीए लगाया है। उपायुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक सीसीए यानी क्राइम कंट्रोल एक्ट के तहत मुताबिक जॉन मिरन मुंडा को झींकपानी तथा टोंटो थाना क्षेत्र से बाहर रहना पड़ेगा। साथ ही उनको आदेश निर्गत होने की तिथि से छह माह तक प्रतिदिन जरायकेला थाना में साढ़े बारह बजे नियमित हाजरी लगानी होगी।
उपायुक्त ने अपने आदेश में जॉन मिरन मुंडा को सक्रिय कुख्यात अपराधकर्मी बताते हुए कहा है कि उनके क्रियाकलाप के कारण झींकपानी तथा टोंटो थाना क्षेत्रों में शांति व्यवस्था भंग हो रही है। इसलिये यह कदम उठाया गया है। इधर, आदेश की कॉपी मिलते ही जॉन मिरन मुंडा ने इसपर आपत्ति जतायी है। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर सीसीए लगाना गलत है। मैं किसी भी मामले में सजायाफ्ता नहीं हूं। मेरे खिलाफ एक साजिश के तहत ऐसा किया गया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होने राहत के लिये उपायुक्त को आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि मैं झींकपानी का जिला परिषद सदस्य हूं और जेनरल कामगार यूनियन के माध्यम से मजदूरों की समस्या उठाता हूं। मैं एलएलबी की डिग्री भी ली है। मेरे खिलाफ जितने भी मुकदमे दायर हैं, उनमें से एक केस (एसटी-333/22) छोड़कर शेष सभी मुकदमों में न्यायालय द्वारा दोषमुक्त हुआ हूं।
जॉन मिरन मुंडा ने उपायुक्त से मांग किया है कि उनको टोंटो व झींकपानी थाना क्षेत्रों में भी चुनावी प्रचार की अनुमति दी जाये। क्योंकि वे लोकसभा प्रत्याशी हैं और झींकपानी प्रखंड से जिला परिषद सदस्य भी है। जॉन मिरन मुंडा ने कहा है कि उनकी फरियाद नहीं सुनी जाती है तो वे इसके खिलाफ न्याय के लिये न्यायालय में रिट याचिका दायर करेंगे।
