सरायकेला/दीपक कुमार दारोघा : राजकीय चैत्र पर्व छऊ महोत्सव को लेकर चल रही धार्मिक अनुष्ठान के तहत जिला मुख्यालय सरायकेला में भक्त श्रद्धालुओं ने शुभघट का रश्म निभाया।
इससे पहले भक्तगण(भोक्ता) खरकाई नदी के माजणाघाट पहुंचे। स्नान के बाद झर-झर की पूजा अर्चना की। मान्यता है कि भरत मुनि ने पृथ्वी में नृत्य शिक्षा देने के लिए और असुरों से रक्षा हेतु इंद्रदेव की स्मरण की थी। इंद्रदेव ने इन्हें वज्र के ताकत जैसे झर-झर प्रदान की थी।
परंपरा के अनुरूप भक्त श्रद्धालु पूजा अर्चना के बाद शुभघट झर-झर (नृत्य का झंडा) लिए बाजार स्थित शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर में भगवान शिव (जगत नर्तक) की पूजा अर्चना कर शुभघट का रश्म निभाया।
इस दौरान हर हर महादेव की आवाज गूंज रही थी। शुभघट के दौरान विभिन्न जाति के लोग इसमें शामिल थे। चारों ओर भक्ति और उल्लास का माहौल रहा।



