लोकसभा चुनाव में वोट से झामुमो को जवाब देने की अपील
हेमंत सोरेन, सीएम चंपाई सोरेन, मंत्री दीपक बिरूवा व विधायक निरल पुरती मुर्दा बाद का लगा नारा
चाईबासा/संतोष वर्मा : ईचा-खरकई बांध विरोधी संघ कोल्हान ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले सत्तारूढ़ झामुमो के खिलाफ मोरचा खोल दिया है। डैम रद्द करवाने के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए संघ ने शुक्रवार को तांतनगर प्रखंड के जोजो सिंडी व मरंग सिंडी गांव में ग्रामीणों से झामुमो को वोट नहीं देने की अपील की। वहां के ग्रामीण मुंडा दीनबंधु कालुंडिया ने भी सशरीर उपस्थित होकर इसका समर्थन किया।
ज्ञात हो इस संघ ने डूब क्षेत्र के 87 गांवों में झामुमो को घुसने नहीं देने का ऐलान भी किया है। बहरहाल, नेताओं ने ग्रामीणों से कहा कि झामुमो ने वादा किया था कि राज्य की सत्ता उनको मिलती है तो वह निर्माणाधीण ईचा-खरकई डैम रद्द करवा देगी। लेकिन सत्ता में आने के बाद वह वादे से मुकर गयी। इसलिये झामुमो को वोट न दें। झामुमो ने जनता को धोखा दिया है। उनको इसकी सजा मिलनी चाहिये। इन विरोधी नेताओं ने ग्रामीणों को उनके दुष्प्रभावों के बारे में बताया और इसके खिलाफ जागने की जरूरत बतायी।
नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन द्वारा डैम रद्द नहीं किये जाने के फैसले के बाद डूब क्षेत्र के 87 गांवों में आक्रोश व्याप्त हो चुका है। चंपाई सोरेन कहते हैं कि डैम रद्द नहीं होगा। लेकिन इसका स्वरूप बदलेगा। साथ ही फिर से जमीन का मुआवजा दिया जायेगा। लेकिन यह आश्वासन भी केवल एक जुमला है। नेताओं ने कहा कि इस डैम निर्माण के खिलाफ कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जायेगी। इसके लिये धन संग्रह का काम शुरू कर दिया गया है।
इस दौरान श्याम कुदादा, लालू कालुंडिया, सालुका कालुंडिया, योगेश कालुंडिया, गुलिया कालुंडिया, बबलू बारजो, सुनील बाड़ा, रोबिन आल्डा, असाई कालुंडिया, लक्ष्मी कालुंडिया, मंजू कालुंडिया, बिरसा गोडसोरा, सालुका बारी, सुनील बाड़ा, डोबरो कालुंडिया समेत अन्य डैम विरोधी आंदोलनकारी शामिल थे।
