विभाग के मंत्री चंपाई सोरेन नें विधायक के मांग पर जहां अविलंब कार्रवाई करने का दिया निर्देश वहीं गजराज के द्वारा हुए किसानों के नुकसानों का क्षतिपूर्ती का भुगतान शिघ्र किये जाने का दिया आश्वासन
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र जगन्नाथपुर नोवामुण्डी प्रखंड क्षेत्र के कई गांव हाथियों के अतंक के साये से परेशान ग्रामिणों को निजात दिलाने की मांग को लेकर विधायक सोनाराम सिंकु नें जोरदार तरिके से सरकार के संक्लप पत्र के साथ वन ए पर्यावरण मंत्री चंपाई सोरेन से जवाब मांगा तथा हाथी प्रभावित गांवों की सुरक्षा बहाल करने की मांग भी किये।साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से यह भी आवाज उठाया गया कि हाथियों के द्वारा किसानों के में किया गया फसल का नुकसान तथा किये गये क्षतिग्रस्त माकान व हाथियों के चपेट में आयै घायल ग्रामीण व हुए मृत्क के परिजनों मुआवजा तथा क्षतिपुर्ती अविलंब दिलाने का भी मांग को रखा।
शितकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में विधायक सोनाराम सिंक के द्वारा उठाये गए सवालों पर विभाग के मंत्री चंपाई सोरोन द्वारा प्राप्त गैर सरकारी संकल्प संख्या-116/2023 के संबंध में सरकार का वक्तव्य दिया।जिसमें विधायक सोनाराम सिंकु नें कहा कि यह समा राज्य सरकार से अभिस्ताव करती है कि वह पश्चिमी सिंहभूम जिला के जगन्नाथपुर, नोवामुण्डी प्रखण्ड अन्तर्गत ग्राम कदाजामदा एवं आस-पास के ग्रामों में प्रत्येक वर्ष जंगली हाथियों द्वारा धान, रबी फसल एवं गितिलपी टोला गारदीसाई, जुगीनन्दा, जान-माल की क्षति पहुँचाता है। राज्य सरकार या जिला प्रशासन द्वारा टीम गठन कर किसानों का क्षतिपूर्ति का मुआवजा तत्काल भुगतान करने एवं जंगली हाथियों को खदेड़ने का कार्य करवाया जाय।
इस पर विभाग के मंत्री चंपाई सोरेन नें कहा कि यह बात सही है कि ग्राम-गितिलपी टोला-गारदीसाई, जुगीनन्दा, कदाजामदा एवं आस-पास के ग्रामों में प्रत्येक वर्ष हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। हाथियों से जानमाल की क्षति से बचाव को ध्यान में रखते हुए वनकर्मियों द्वारा त्वरित कार्रवाई दल (QRT) एवं स्थानीय वन समितियों के मदद से हाथियों को निकटवर्ती जंगल में खदेड़ने की कार्रवाई की जाती है। साथ ही भी कहा गया हाथी प्रभावित क्षेत्र के गांव की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के पदाधिकारी को निर्देश दिया जाता है टास्क फोर्स का गठन कर सुरक्षा प्रदान की जायेगी तथा ग्रामीणों के बिच टार्च, पटाखा, मशाल आदी का सुविधा उपलब्ध कराया जायेगा।
साथ ही मंत्री के द्वारा बताया गया कि इस वर्ष अब तक कुल 215 मामले आयें है जिसमें घायलों की संख्या 10 है और 1 मानव मृत्यू हुई तथा तथा 118 किसानों का फसल नुकसान हुआ है और पांच मकानें क्षतीग्रस्त हुई है तथा 8 किसानों का आनाजों का क्षति हुई है इन सभी किसानों का क्षतिपूर्ती का आकलन कर राशी का भुगतान कर दिया गया है, जबकी 142 मामले अधर में पड़े है जिसका आकलन करने का कार्य जारी है जिसे भी शीघ्र भुगतान कर दिया जायेगा।
यह भी जानें जरूरी बात
झारखण्ड सरकार, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संकल्प संख्या-वन्यप्राणी-08/2000 (खण्ड)- 2265 /व०प० दिनांक-15.06.2023 में वर्णित प्रावधानानुसार हाथी के साथ-साथ अन्य जंगली जानवरों के द्वारा मनुष्यों की मृत्यु के मुआवजा भुगतान हेतु निम्न अभिलेखों की आवश्यकता होती है :-
(i) मृतक के आश्रित द्वारा मुआवजा भुगतान हेतु आवेदन पत्र।
(ii) मृत्यु प्रमाण-पत्र ।
(iii) पोस्ट मोर्टम रिपोर्ट।
(iv) पुलिस का अंतिम रिपोर्ट।
(v) अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत पारिवारिक सूची।
(vi) मृतक के परिवार के अन्य सदस्य द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र।
(vii) मृतक के आश्रित के आधार की छायाप्रति ।
(viii) मृतक के आश्रित के बैंक पासबुक की छायाप्रति ।
