विदेशों में परचम लहरा रहे हैं जादूगोड़ा के आदिवासी छात्र अजय हेंब्रम, झारखंड सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लंदन में हासिल की पीजी की डिग्री


जादूगोड़ा : विदेशों में परचम लहरा रहे हैं जादूगोड़ा के छोटे से एक गांव भाटीन गांव के  आदिवासी छात्र अजय हेंब्रम।उन्होंने झारखंड सरकार की छात्रवृत्ति योजना  का लाभ उठाकर  लंदन में पीजी की डिग्री हासिल की।  यह कहानी पूर्वी सिंहभूम जिले (झारखंड) के जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के भाटीन निवासी अजय हेम्ब्रम की है।

जिन्होंने उच्च शिक्षा का ख्वाब देखा था। भारत में शिक्षा तक तो ठीक था, लेकिन एक दिन इंटरनेट पर उन्हें कुछ विदेशी विश्वविद्यालयों के बारे में जानकारी मिली, जहां से वे अपनी मास्टर्स की डिग्री लेना चाहते थे। लेकिन, एक साधारण आदिवासी परिवार के इस छात्र के लिए शायद ऐसा सोच पाना भी मुश्किल था।इस सपने को हकीकत में बदलने की जद्दोजहद के बीच उन्हें झारखंड सरकार की "मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना" के बारे में पता चला। 

फोटो : जादूगोड़ा का छात्र अजय हेंब्रम

उन्होंने इसके लिए आवेदन किया, लेकिन उनके दोस्तों को अब भी यह "सपना" असंभव ही लगता था। रांची में आदिवासी कल्याण विभाग की टीम ने इन्हेँ इंटरव्यू के लिए बुलाया व उसके जुनून को देखते हुए इनका चयन संभव हो पाया। विदेशों में जिनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती हैं.

लंदन की इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी के कैंपस में पहले तो उसे घबड़ाहट हुई, फिर धीरे-धीरे उस माहौल में ढलते हुए, जब कोर्स पूरा हुआ व उसे "डिस्टींक्शन" के साथ डिग्री मिली।बीते मंगलवार को दीक्षान्त समारोह के बाद उसे  यह सम्मान दिया गया। बेटे की इस सफलता पर  उसके पिता श्री बंगाल हेम्ब्रम का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। अश्रुपूरित नेत्रों से उसकी माँ श्रीमती रत्नी हेम्ब्रम ने "मरांग बुरु" को धन्यवाद दिया। 

फोटो : पिता बंगाल हेंब्रम व मां रत्नी हेंब्रम

यहां उल्लेखनीय यह है कि जादूगोड़ा  यूरेनियम माइंस से सटे प्रसिद्ध  गाँव भाटिन (पोटका प्रखंड) से शायद कोई पहली बार विदेश गया है व अजय की उपलब्धि पर हर ग्रामीण  गर्व महसूस कर रहे है। भविष्य की योजनाओं के बारे में अजय ने बताया कि फिलहाल लंदन में एक साल की इंटर्नशिप करना है, उसके बाद जहाँ किस्मत ले जाये।

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