नरसंडा ग्राम सभा ने लापरवाह पशु पालकों के विरुद्ध निर्धारित किया आर्थिक दण्ड की राशि

दूसरों के खेत में मछली पकड़ने व मेढ़ काटकर मूसा का शिकार करने वाले भी होंगे दण्डित : ग्राम सभा

चार पैर के पशु 500 रूपए, बत्तख 100 रूपए, दूसरों का मेढ़ काटने व खेत में मछली पकड़ने वाले को 500 रूपए आर्थिक दण्ड देने होंगे


चाईबासा : नरसंडा पंचायत भवन  में नरसंडा ग्राम सभा  की बैठक मंगलवार को ग्राम मुंडा ध्रुवा सुंडी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें पालतू जानवरों एवं अन्य पशू-पक्षियों से खेतों की फसल को होने वाला नुकसान को लेकर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान यह बात सामने आया कि मवेशियों द्वारा फसल बर्बाद किए जाने को लेकर कई बार मवेशी मालिक व फसल मालिक के बीच विवाद व मार पीट की स्थिति उत्पन्न होती है। 

इसके साथ ही दूसरों के खेत पर मछली पकड़ने के दौरान धान की बर्बादी होने तथा खेत का पानी को काटकर जाल लगाने तथा मूसा -चूहा को शिकार करने के लिए खेत की मेढ़ को काटकर तोड़ने वालों के विरुद्ध भी ग्राम सभा ने कड़ा निर्णय लिया है। 


फसल की बर्बादी को रोकने के लिए ग्राम सभा ने सर्व सम्मति से जुर्माना की राशि तय किया है। ग्राम सभा ने फसल की क्षति भरपाई दण्ड  फसल मलिक को तथा जुर्माना की राशि ग्राम सभा के फंड में जमा करने का निर्णय लिया है।

गाय - भैंस व बत्तख के लिए दण्ड

गाय-बैल एवं भैंस के द्वारा फसल बर्बाद करने पर प्रति पशु 300 रूपए ग्राम सभा को दण्ड स्वरूप देने होंगे तथा पंच स्थल निरीक्षण के बाद फसल की क्षति का भी आकलन करेगी,उस पर विचार-विमर्श के बाद पशु मालिक द्वारा क्षति भरपाई दण्ड फसल मालिक को देना होगा। इसी तरह  प्रति भेड़ -बकरी के लिए 200 रूपए व नुकसान का अलग से, बत्तख के लिए प्रति- 100 रूपए आर्थिक दण्ड निर्धारित किया गया है। 

दूसरों के खेत में मछली पकड़ने वाले तथा मेढ़ काटने वालों के लिए दण्ड

दूसरों के खेत में घुसकर मछली पकड़ने के दौरान फसल को नुकसान पहुंचाने पर, खेतों का मेढ़ काट कर चूहों का शिकार करने तथा दूसरों के खेत का पानी काटकर जाल लगाने वालों के विरुद्ध भी आर्थिक दंड 500 रूपए निर्धारित किया गया है।
 
सुअरों के लिए आर्थिक दण्ड

इसके साथ ही लापरवाह सुअर पालकों के लिए भी आर्थिक दण्ड तय किया गया है। ग्राम सभा ने प्रति सुअर 500 रूपए दण्ड के साथ साथ  बर्बाद हुए फसल का आकलन के बाद अलग से भी क्षति भरपाई का जुर्माना पशु मालिकों को देने होंगे। बावजूद इसके यदि सुअर पालक सुअरों को छोड़ रखेंगे तो पूर्व से चले आ रहे प्रचीन पारम्परिक सुअर अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। ग्राम सभा ने खलिहान,खरीफ और रवि फसल  खतम होने तक सुअरों को नहीं छोड़ने का हिदायत सुकर पालकों को दिया है।

ग्राम सभा की बैठक में ये रहे मौजूद

ग्राम सभा अध्यक्ष मुंडा ध्रुवा सुन्डी, उपाध्यक्ष अनिल लकड़ा, उपाध्यक्ष थोमस सुन्डी, सचिव सेलाय सुन्डी, सलाहकार सतीष सुन्डी, राहुल सुन्डी, लल्लू राम रवि, गारदी सुन्डी, मानसिंह सुन्डी, विष्णु सुन्डी, पूर्व मुखिया भूषण सुन्डी,गारदी सुन्डी, बीरसिंह सुन्डी, अमृत सुंडी, सोमा सुंडी, सिंगराय (दुखिया), शंकरा सुन्डी, सावन सुन्डी समेत अन्य मौजूद रहे।

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