चाईबासा : झींकपानी एसीसी कंपनी में पुराने लीज से संबंधित चयनित 45 भूमिहीन रैयतों को नौकरी मिलने का रास्ता लगभग साफ हो गया। अब कंपनी की ओर से चयनित सभी 45 रैयतों को प्रशिक्षण दी जाएगी। बुधवार को समाहरणालय सभागार में हुई त्रिपक्षीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में माननीय विधायक श्री दीपक बिरुवा एवं जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त अन्यय मित्तल, एडीसी संतोष कुमार सिंहा, एसडीओ शशिंद्र बड़ाइक एवं एसीसी कंपनी प्रबंधन की ओर से एसीसी प्लांट हेड राज गुरुंग, एचआर हेड साहू जी एवं सभी रैयत शामिल थे। बताया गया कि एसीसी कंपनी द्वारा रैयतों से लीज में जमीन ली गई थी। इसके बदले में रैयतों को नौकरी दिए जाने की बात कही गई थी। हालांकि हेमंत सरकार की ओर से इन रैयतों की नौकरी के लिए वर्ष 2021 में अपबंधित नियुक्ति पत्र दी गई थी। लेकिन कंपनी की ओर से अब तक नौकरी नहीं दी गई। इससे नाराज रैयतों ने कई बार धरना प्रदर्शन भी किया।
रैयतों ने माननीय विधायक श्री दीपक बिरुवा जी से नौकरी दिलाने की गुहार लगाई थी। विधायक जी ने इसे गंभीरता से लेते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए पहल की थी। त्रिपक्षीय बैठक में निर्णय लिया गया कि एसीसी कंपनी की ओर से चयनित सभी 45 रैयतों को तीन माह की स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
