चाईबासा : पिलका पंचायत अंतर्गत पड़सी गांव में ग्रामीण मुंडा श्री लक्ष्मण बिरुवा की अध्यक्षता में काली पूजा के अवसर पर होने वाले मेला को हमेशा के लिए बंद करने को लेकर बैठक हुई। ग्रामीणों का कहना है की मेला पूर्वज के समय से चलते आ रहा है और मेला में विभिन्न प्रकार का दुकानों के लगने से रैयतो के खेतों में प्लास्टिक का कचड़ा, कांच का बोतल का अंबार हो जाता है और मेला खत्म होने के बाद साफ सफाई भी नही होता है जिसके कारण प्लास्टिक कचड़ा से खेत बर्बाद हो रहा है।
मेला में हब्बा डब्बा, जुवा, शराब इत्यादि के चलने से समाज में अप्रिय घटनाएं जैसे छेड़कानी, हत्या, ब्लातकार जैसी अप्रिय घटनाएं भी होने की संभावना बनी रहती है।
बैठक में सभी ग्रामीणों ने शपथ लेकर निर्णय लिया की इस वर्ष से सदा के लिए मेला के आयोजन को बंद कर दिया जाएगा ताकि गांव एवं आदिवासी समाज का माहौल बेहतर बने।
पिलका के पंचायत समिति सदस्य रंजित बिरुवा ने कहा की मेला के आयोजन के होने से युवाओं में नशापान की प्रवृति बढ़ रही है और बहन बेटियों के साथ दुर्व्यवहार के घटनाओं में वृद्धि होने से समाज को काफी नुकसान पहुंच रहा है इसलिए इस तरह के आयोजनों पर रोक लगाते हुए समाज के बेहतरी के लिए मेला के स्थान पर शिक्षा के बेहतरी संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए।
मौके पर वार्ड सदस्य गीता बिरुवा, एलियस बिरुवा, सुनील बिरुवा, विक्की बिरुवा, लालमोती बिरुवा, दमयंती बिरुवा, सायना सोय, राधिका कुई, मानी बिरुवा, रघुनाथ सिरका, चंद्रशेखर बिरुवा आदि ग्रामीण उपस्तिथ थे।

