भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का पराकाष्ठा है नई संसद भवन, इसको लेकर लोगों में है उत्साह


सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में दिल्ली स्थित नई संसद भवन 140 करोड लोगों की भावनाओं का पराकाष्ठा है और अब नए भवन में सदन की कार्रवाई संचालित होगी।

इसको लेकर शहर से लेकर गांव-गांव में लोगों में उत्साह है। लोगों में इस बात को लेकर उत्साह है कि गणतंत्र के बाद भारतीय संस्कृति के अनुरूप संसद भवन बना और गणेश चतुर्थी को इसका श्री गणेश हो रहा है।

इससे पहले दिन भर लोग टीवी, मोबाइल में चिपके रहे। पुराने संसद भवन में अंतिम दिन संचालित विशेष सत्र में हुई बातें भी लोगों ने सुनी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने जी20 शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अगले माह पी20 की मेजबानी करने का मौका मिलेगा। उन्होंने पुराने संसद भवन का जिक्र करते हुए कहा कि 1952 में  गणेश वासुदेव मावलंकर पहले लोकसभा अध्यक्ष बने। अब तक 16 लोकसभा अध्यक्ष रहे।


पुराना संसद भवन संवाद संस्कृति का जीवंत प्रतिक रहा। आज के बाद नए संसद भवन में  सदन की कार्रवाई संचालित होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान-3 की सफलता के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने पुराने संसद भवन का जिक्र करते हुए कहा कि यह इंपीरियल लेजिस्लेटिव कॉउंसिल था। निर्माण का निर्णय ब्रिटिश शासन का था। पसीना देश का लगा था। पैसा भी देश का लगा था। इसे आजादी के बाद संसद भवन के रूप में पहचान मिला। आज के बाद नए संसद भवन में जाएंगे। पुराना संसद भवन भी प्रेरणा देता रहेगा। जो भी हो अब नए संसद भवन में सदन की कार्रवाई संचालित होगा। इसको लेकर देश के लोगों में उत्साह है।

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