चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : जोरापोखर गाँव मे एक बैठक हुआ। यह बैठक 2001 से चल रहा गिट्टी क्रेशर खदान जो अब लीज समाप्त हो चूका है और बंद है लेकिन उसे बिना समतल किये ही छोड़ दिया है जिससे गाँव वाले काफी आक्रोषित हैं। इस बैठक मे दो गाँव के ग्रामीण मुंडा जोड़ापोखर और बसाहातु के शामिल हुए। दोनों मुंडाओ ने कहा की जिस तरह से खदान को छोड़ दिया गया है अगर इसको समतल नहीं किया जायेगा तो कभी भी जानवर गिरकर मर सकता है उप्पर से अब यह गड्ढा कोई काम का नहीं है।
इसलिए सरकार इसे बंद कर देने की मांग कर रहें हैं। जिला परिषद जॉन मिरन मुंडा ने कहा की समता जजमेंट मे आदिवासी इलाके मे खदान करने का गाइड दिया गया है लेकिन कोई भी खदान मालिक इसका अनुपालन नहीं करता है जिसके कारण खदान छेत्रो मे लाभ की जगह नुकसान देखने को मिलती है और इसलिए हमेशा से आदिवासी खदान का बिरोध करते रहें है। सरकार को सोचना होगा अगर ऐसे ही खदान के नाम पर आदिवासियों का जमीन लुटा जायेगा और बिकास के जगह पर बिनाश किया जायेगा तो आने वाले दिनों मे कभी सरकार खदान नहीं खोल पायेगा।
आज समता जजमेंट राज्य सरकार लागु नहीं करा रही है जिससे साफ होता है की jmm की सरकार भी आदिवासियों के हित नहीं सोचती सिर्फ घोषणा करती है। Jmm सरकार पेसा कानून और समता जजमेंट और किसानो के लिए सिंचाई सुबिधा करा देते तो झारखण्ड का सभी समस्या खत्म हो जाता लेकिन jmm की सरकार बीजेपी का b टीम जैसा ही काम कर रहा है।
