एनआरईपी में एक ही अभियंताओं का शिक्षण प्रमाण पत्र की छाया पत्र को आधार बना कर कोर्ट से फर्जी हस्ताक्षर पर पेपर लगा कर निविदा शर्तों को पुरा किया जा रहा है


एनआरईपी में एजी की निगरानी के रूप में कोई भी लेखा पदाधिकारी नही होने से विकास राशि और निविदा प्रक्रिया की गतिविधि पर नज़र कौन रखेगा, बड़ा सवाल।

चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में इन दिनो एनआरईपी में फर्जी पेपर पर सीएस अनुमोदन कराने में संवेदकों से भारी रकम की वसूली की जा रही है। यूं कहा जा सकता है कि फेल को पास और पास को फेल कर निविदा घोटाला किए जाने कि तैयारी हो रही है। विदित हो कि एनआरईपी ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन है, ऐसे में ग्रामीण कार्य विभाग का चाईबासा में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता से सीएस कराना नियमानुकूल है।लेकिन फर्जी पेपर पर कार्य आवंटित करने लघु सिंचाई के अधीक्षण अभियंता से सीएस कराया जाता है। 

विदित हो कि डीएमएफटी फंड से स्वीकृति प्राप्त योजना में गलत तरीके से अभियंताओं का शपथ पत्र लगाया जा रहा है, जो जांच का विषय है,एक ही अभियंताओं का शिक्षण प्रमाण पत्र की छाया पत्र को आधार बना कर कोर्ट से फर्जी हस्ताक्षर पर पेपर लगा कर निविदा शर्तों को पुरा किया जा रहा है।इस तरह की घटना एनआरईप में अधिक होने की जानकारी मिली है, जो जांच का विषय है। अभियंताओं को साक्षात उपस्तिथि से फर्जी पेपर लगाने वाले संवेदकों की पोल खुलेगी। अभियंताओं की शैक्षणिक योग्यता की छाया प्रति पर करोड़ों की निविदा आवंटित की जा रही है।

एनआरईपी के प्रभारी कार्यपालक अभियंता अपने विभाग के अधीन चाईबासा अंचल के अधीक्षण अभियंता से सीएस अनुमोदन क्यूं नहीं करना चाहतें हैं। चाईबासा लघु सिंचाई अंचल के अधीक्षण अभियंता किस विभागीय आदेश के आधार पर दूसरे एजेंसी की निविदा का सीएस अनुमोदन कर रहें हैं।एनआरईपी में एजी से अधिकृत लेखा पदाधिकारी नही होने से सीएस और वित्तिय अनियमितता होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। निविदा निषादन में पारदर्शिता लाने तथा अनियमितताओं को रोकने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल चाईबासा में एजी से पदस्थापित लेखा पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति किया जाना आवश्यक है।कार्यपालक अभियंता राधेश्याम मांझी अपने विभाग के तर्ज पर एनआरईपी में निविदा प्रक्रिया को क्यूं नहीं करना चाहते हैं। 

एनआरईपी में एजी की निगरानी के रूप में कोई भी लेखा पदाधिकारी नही होने से विकास राशि और निविदा प्रक्रिया की गतिविधि पर नज़र कौन रखेगा, बड़ा सवाल। 
वहीं एनआरईपी में एजी की निगरानी के रूप में कोई भी लेखा पदाधिकारी नही होने से विकास राशि और निविदा प्रक्रिया की गतिविधि पर नज़र कौन रखेगा, बड़ा सवाल।वित्तीय मामले तथा लेखा संधारण और  विपत्र जांच, निविदा निष्पादन के लिए ग्रामीण कार्य सभी विभाग के जैसे कार्य प्रमंडल चाइबासा,लघु सिंचाई, विशेष प्रमंडल, पथ परमंडल, भवन प्रमण्डल में एजी के लेखा पदाधिकारी नियुक्त हैं। दोनो एजेंसी के एक ही कार्यपालक अभियंता होने के बाद कैसे निविदा प्रक्रिया को अलग अलग नियम प्रक्रिया अपना रहें हैं।

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