इसी को देखते हुए झींकपानी, मंझारी और जगन्नाथपुर के जिला परिषद सदस्य नग धड़ंग होकर जिला परिषद के सामान्य बैठक का विरोध करने पहुंचे, हालांकि प्रदर्शन को देखते हुए बैठक को स्थगित कर दिया गया। लेकिन हमारी मांग है कि जिला परिषद अध्यक्ष ग्राम सभा के द्वारा योजना को पारित करवा कर राज्य और केंद्र सरकार के पास भेजती, जिससे वहां से पास होकर योजना जिला में आता।
पंचायत चुनाव के डेढ़ साल गुजारने के बाद भी जिला परिषद से कोई भी विकास का कार्य नहीं : जान मीरन मुंडा, जिला परिषद सदस्य
लेकिन उल्टे चापलूसी के कारण अध्यक्ष मुख्यमंत्री के पास योजना की मांग कर रही है। यह तो काफी हास्यास्पद लग रहा है। जिस ग्राम सभा को संपूर्ण अधिकार दिया गया है। वही ग्राम सभा के नेतृत्वकर्ता जिला परिषद अध्यक्ष राज्य और केंद्र सरकार के पास भीख मांगने के लिए हाथ फैला रही है। आज ग्रामीण पेयजल, सड़क, बिजली समेत अन्य जरूरत के चीजों के लिए परेशान है। जिला में भ्रष्टाचार आम हो चुका है कोई 50 हजार तो कोई 1.5 लाख घूस लेते गिरफ्तार हो रहा है।
नंग धड़ंग प्रदर्शन
इस पर जिला के आला अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हम लोगों को ढाई हजार रुपया मानदेय देकर सरकार ग्राम में क्या विकास करना चाहती है। इसलिए आज हम सभी नंग धडंग होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे जिला परिषद अध्यक्ष समेत जिला के आला अधिकारी विकास के बारे सोच और उसे जमीन स्तर पर उतार सके।
