सांसद गीता कोड़ा ने सदन के मानसून सत्र में छोटे -लघु एवं मध्यम उद्योग के बंद होने से बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाया


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : झारखंड कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद गीता कोड़ा ने संसद के मानसून सत्र के दौरान सदन में एमएसएमई उद्योगों के बंद होने से दिनों दिन बढ़ रही बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दा को उठाया और एमएसएमई उद्योग राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा से पूछा कि क्या सरकार ने झारखण्ड सहित देश में बंद पड़े हुए एमएसएमई उद्योगों का कोई सर्वे कराया है, ताकि उनका जीर्णोधार कर बेरोजगारी जैसी समास्याओं को दूर किया जा सके। साथ ही उन्होंने झारखण्ड में स्थित एमएसएमई उद्योगों की वस्तु स्थिति को भी पूछा। 
सांसद श्रीमती कोड़ा के सवालों का जवाब देते हुए एमएसएमई उद्योग राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार ने बंद पड़े एमएसएमई के संबंध में अब तक कोई सर्वेक्षण नहीं कराया है।

जहां तक झारखण्ड का सवाल है तो
 वहां कुल 22, 29,977 लोग एमएसएमई उद्योगों में काम कर रहे हैं। सूक्ष्म उद्योग में राज्य के कुल 300896, लघु उद्योग में कुल 6773 तथा मध्यम उद्योग में कुल 478 लोग कार्यरत हैं।
उनके इस जवाब से सांसद श्रीमती कोड़ा संतुष्ट नहीं हुईं तथा उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को कम करने की दिशा में बंद पड़े एमएसएमई उद्योगों का पुनरुद्धार कर पुनः चालू करना बेहद कारगर साबित होगा।
हालांकि एमएसएमई उद्योग राज्य मंत्री श्री वर्मा ने यह भी कहा कि एमएसएमई के विकास के लिए भारत कोष के माध्यम से 50000 करोड रुपए का इक्विटी संचार,  200 करोड़ रुपए तक की खरीद के लिए कोई वैश्विक निविदा नहीं करने, जनवरी 2023 से उद्यम सहायता मंच को प्रारंभ करने जैसे कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि एक अप्रैल 2023 से क्रेडिट गारंटी स्कीम को लागू किया गया है जिसके तहत गारंटी कवरेज के लिए ऋण की सीमा दो करोड़ रुपए से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपए कर दी गई है और बकाया ऋणों के लिए गारंटी के संबंध में दावों के निपटान हेतु आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू करने की सीमा दस लाख रुपए तक बढ़ा दी गई है । एक करोड़ रुपए तक की ऋण के लिए वार्षिक गारंटी शुल्क को 2% प्रति वर्ष की अधिकतम दर से घटाकर 0.37% प्रतिवर्ष कर दिया गया है।

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