डायन कुप्रथा उन्मूलन का नया दृष्टिकोण और अभियान : सालखन मुर्मू


सरायकेला : डायन कुप्रथा अंधविश्वास से ज्यादा अपराधिक षड्यंत्र का मामला है। डायन नहीं हैं बल्कि डायन बनाने वाले हैं। जिनको पहचान कर दंडित करने से डायन कुप्रथा जड़मूल समाप्त हो सकता है और निर्दोष महिलाओं पर अन्याय, अत्याचार, शोषण बंद हो सकता है। इसमे पुलिस- प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता औषिधि का काम कर सकती है।

उक्त बातें आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कही। उन्होंने कहा पद्मश्री छुटनी महतो के साथ मिलकर आदिवासी सेंगेल अभियान के नेतृत्व में 3 अगस्त और 4 अगस्त को क्रमशः सरायकेला और जमशेदपुर से उपरोक्त अभियान को शुरू करेगा। सांकेतिक धरना, प्रदर्शन, रैली आदि आयोजित कर संबंधित जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को 5 सुझावों का ज्ञापन दिया जाएगा।

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