सांसद गीता व पूर्व मुख्यमंत्र मधु कोड़ा की मौजूदगी में जिला व रेल प्रशाषन नें किया जमीनदाताओं की भूमी का सत्यापन


सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से ग्रामीणों में जगा मुआवजा मिलने का भरोसा

मामला 12 साल पहले थर्ड लाईन निर्माण के लिए सरबिल एवं पदापहाड़ के ग्रामीणों की रेलवे द्वारा भूमि अधिग्रहण 

चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं सिंहभूम सांसद श्रीमती गीता कोड़ा की उपस्थिति में गुरूवार को जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन के द्वारा थर्ड रेल लाईन का निर्माण के लिए सरबिल एवं पदापहाड़ के ग्रामीणों से लिए गए रेलवे द्वारा भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया था लेकिन रेल प्रबंधन के द्वारा जमीनदाताओं को ना मुआवजा दी गई और ना ही नौकरी। इसी मामले को लेकर सांसद गीता कोड़ा के द्वारा 12 जूलाई को रेल प्रबंधन व जिला प्रशाषन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता कर रैयतदारों को मुआवजा शीघ्र देने की मांग की थी।

सांसद गीता कोड़ा

सांसद गीता कोड़ा के प्रयास के बाद रेल प्रबंधन व जिला प्रशासन की निंद खुली और 12 साल बाद गुरुवार को मुआवजा का मांग पर, भूमि का सत्यापन शुरू किया गया।ज्ञात हो कि ग्रामीणों की जमीन रेलवे के थर्ड लाईन निर्माण मे रेलवे द्वारा अधिग्रहण किया गया था। ग्रामीण लम्बे समय से जमीन के बदले मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे थे,लेकिन रेल प्रबंधन गहरी निद्रा में सोयी हुई थी। 

सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से थर्ड रेल लाइन निर्माण में गए रैयतदारों की भूमी का सत्यापन 12 वर्ष बाद हुई तो ग्रामीणों में मुआवजा मिलने की भरोसा जगा है। 

सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने ग्रामीणों को मुआवजा का भुगतान पर पिछले दिनों 12 जुलाई को जिला प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन के साथ संयुक्त बैठक कि थी। जिसमें रेल प्रशासन के द्वारा 27 जूलाईा को भूमी सत्यापन करने का तिथि निर्धारित किया गया था। आज से रेलवे प्रशासन एवं जिला प्रशासन के द्वारा भूमि सत्यापन कार्य शुरू किया गया है। सभी रैयतदार अपने कागजातों के साथ सर्वे स्थल पर मौजूद थे। सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने सभी रैयतों को संबोधित करते हुए कहा सभी रैयत के जमीन अधिग्रहण का सत्यापन होगा और अधिग्रहण की सत्यापन के उपरांत प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा, नौकरी आदि दिलाया जाएगा। रेलवे प्रशासन की ओर से चक्रधरपुर मंडल अभियंता मनीष गुप्ता और जिला प्रशासन की ओर से एडीसी संतोष सिन्हा, जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी एजाज अनवर, जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी शंकर एक्का, बीडीओ नोवामुन्डी अनुज बांडों उपस्थित थे। 

सर्वे स्थल में सैकड़ों की संख्या में रैयत भी मौजूद रहे।

मौके पर सरबिल मुन्डा दुसा लागुरी, पदापहाड़ मुन्डा शम्भु बालमुचू, राजेन्द्र बालमुचू, राजेन्द्र बालमुचू, सुशीला बालमुचू, डुचा बालमुचू, गुलेश बालमुचू, सुखराम बालमुचू, शंकर बालमुचू, रेन्सो पुरती, लक्ष्मण बालमुचू, माहती बालमुचू,मंगल बालमुचू, सोनाराम बालमुचू, आनन्द बालमुचू, मंजीत प्रधान, रघुनाथ राउत, मंजु पूर्ति, हरप्रीत सिंह, संजय घोष, बसंत गोप, दानिश हुसैन, ममूर अंसारी, राना बोस, लाल मोहन दास,प्रदीप प्रधान, जगदीश खिलार, मो. सुब्रतो घोष रेश प्रजापति, प्रफुल्ल दास, विश्वकर्मा दास, एवं काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण रहे उपस्थित।

किथा पूरा मामला

नोवामुन्डी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पदापहाड़ एवं सारबिल के ग्रामीणों का जमीन रेलवे के द्वारा थर्ड लाईन निर्माण के दौरान ली गई थी, करीब 90 ग्रामीण 12 साल से मुआवजा, नौकरी आदि मिलने का इन्तजार कर रहे थे। सांसद श्रीमती गीता कोड़ा की पहल पर ग्रामीणों की मांग को लेकर रेलवे प्रबंधन और जिला प्रशासन तथा जिला प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक 12 साल बाद चक्रधरपुर रेल प्रबंधक कार्यालय में हुई, जिसमें रेलवे और जिला प्रशासन के प्रमुख पदाधिकारी हुए थे उपस्थित, सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने रेलवे और जिला प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से पदापहाड़ और सारबिल के ग्रामीणों की मांग को रखते हुए निर्णय लिया गया की 27 जुलाई को सांसद की उपस्थिति में जिला प्रशासन के पदाधिकारी एवं रेलवे के पदाधिकारी पदापहाड़ एवं सारबिल के अधिग्रहीत क्षेत्र में दावेदारों का दावा का सत्यापन करेंगें। साथ ही सांसद ने बैठक में बंद पड़े ट्रेनों का पूर्व की भांति परिचालन शुरू करने व पदापहाड़ में अंडरपास का निर्माण की बातों को भी रखा।

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