राष्ट्रीय स्तर पर रोक के वाबजूद धड़ल्ले से जारी है बालू खनन, ग्रामीणों ने जताया विरोध


  चाईबासा ( संतोष वर्मा ) :    तांतनगर प्रखंड के इलिगाड़ा क्षेत्र के खरकई नदी पर बालू माफियाओं का राज चल रहा है. माफिया द्वारा नदी से बालू उत्खनन कर बेखौफ होकर ट्रैक्टरों से दिन रात धड़ल्ले से चाईबासा भेजा जाता है. जबकि इन दिनों देश में राष्ट्रीय स्तर पर नदी से बालू उत्खनन करने पर रोक लगी है. राष्ट्रीय स्तर पर बालू उत्खनन पर रोक होने के बावजूद नदी से धड़ल्ले से बालू उत्खनन होना कई सवाल खड़े कर रहे हैं. माफिया द्वारा नदी से बालू को कच्ची सड़क से ले जाने से ग्रामीण क्षेत्र के सड़कों का खस्ताहाल है. जिससे ग्रामीणों को आने जाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों द्वारा नदी से बालू खनन का विरोध करने पर माफिया दबंगई दिखाते हैं. रात को ट्रैक्टर चलने से ग्रामीणों को नींद खराब होती है. ट्रैक्टर चलने को लेकर माफिया गुट व ग्रामीणों के बीच रक्त रंजिश होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.

उत्खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स गठित 

तांतनगर अंचल क्षेत्र में नदियों से बालू खनन को रोकने के लिए अंचल अधिकारी के नेतृत्व में अंचल स्तर पर टास्क फोर्स गठित किया गया है. जिसमें अचंलाधिकारी, ओपी प्रभारी, ग्रामीण मुंडा, पंचायत प्रतिनिधि सहित 7 सदस्यीय टीम गठित है. जिसका बीते माह तांतनगर अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी के नेतृत्व में बैठक कर गठित टीम को दिशानिर्देश दिया गया था. गठित टास्क फोर्स में ग्रामीण मुंडा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.

बालू खनन करने से मना करने पर दबंगई दिखाते हैं माफिया 

ईचा खरकई बांध विरोधी संघ के संयोजक दशकन कुदादा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खरकई नदी में हो रहे बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा नदी से बालू खनन करने से मना करने पर माफिया गुट दबंगई करने लगते है. बालू खनन होने की सूचना राजनगर थाना को भी दी गई है. खरकई नदी से बालू खनन होने से नदी का अस्तित्व खतरे में है.

ट्वीट कर कार्रवाई की मांग  

अंबेडकर राइट पार्टी ऑफ इंडिया के लोकसभा प्रभारी रामहरि गोप ने उपायुक्त को ट्वीट कर जिला में प्रशासन की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर विभिन्न नदी से हो रहे अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की है.

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