सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : संताली भाषा में पढ़ाई सहित चार सूत्री मांग को लेकर ओलचिकी हूल बैसी के आवाह्न पर मंगलवार को झारखंड बंद का सरायकेला-खरसावां जिला में दिखा असर।
मुख्य सड़कें बाधित रही। बंद समर्थकों ने जगह-जगह मुख्य सड़क जाम कर रखा था। राहगीर बस यात्री इस दौरान परेशान रहे। मालवाहक वाहन घंटों तक मुख्य सड़कों में रुकने को मजबूर थे।
सरायकेला बिरसा चौक में घंटों तक बंद समर्थकों ने मुख्य सड़क जाम कर दिये। खरसावां, चाईबासा से आने वाली वाहनें यहां रुकी रही।
राजनगर सिदो-कान्हो चौक में बंद समर्थकों ने मुख्य सड़क जाम कर रखा था। चाईबासा हाता टाटा मार्ग बंदी से बाधित रहा।
कांड्रा मोड पर भी सड़क जाम रही। बंद समर्थकों ने मुख्य सड़क जाम कर रखा था।
यहां तक कि चांडिल एन एच 33 पर भी बंदी का असर रहा। बंद समर्थकों ने टायर जलाकर आक्रोश जताया।
बंद समर्थक संताली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा देने, ओलचिकी लिपि संताली भाषा में पुस्तकों का मुद्रण पठन-पाठन, एवं संताली भाषा शिक्षकों की बहाली की मांग कर रहे थे। बंद समर्थक पारंपरिक पोशाक, पारंपरिक औजार, वाद्य यंत्र के साथ सड़क पर डटे थे। प्रचंड धूप में भी अपनी मांग को लेकर बंद समर्थक सड़क पर डटे थे।
ओलचिकी हूल बैसी के जिला अध्यक्ष डॉ अर्जुन टुडू, छात्र संगठन के सुदाम हेंब्रम, गोपाल मार्डी, लखन मुर्मू, दिनेश सोरेन, सहित सैकड़ों समर्थक पारंपरिक पोशाक में लेश थे और मांग को लेकर मुख्य सड़क जाम कर रखा था।




