चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : टोंटो प्रखंड में चालगी से हेस्सा सुरनिया जाने वाली सड़क का निर्माण डीएमएफटी फण्ड से करीब 99 लाख की लागत 1.300 km बन रही है। लेकिन ना विभाग के अभियंता देख रहें और ना ही जनप्रतिनिधि। संवेदक अपने मनमुताबिक बना रहे है सड़क।
उक्त पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में गिट्टी, बालू में मिट्टी मिला हुआ घटिया किस्म का और बिना रोलर चलाये ही मिट्टी के ऊप्पर ढलाई हो रहा है इसका निरिक्षण जिला परिषद सदस्य जॉन मिरन मुंडा ने किया।
JMM कार्यकर्त्ता होने का दिखता है धौन्स !
ग्रामीणों का आरोप है की ठेकेदार दीपक करोवा को बार बार इस तरह का सड़क निर्माण नहीं करने को लेकर बोला गया लेकिन बावजूद अपना jmm कार्यकर्त्ता होने का धौन्स दिखा कर गलत काम करते ही जा रहा जिसके कारण से गांव के भीतर में काम करने मना कर दिया गया है। अभी गांव को छोड़कर गाँव के बाहर पीसीसी कराया जा रहा है। जॉन मिरन मुंडा ने कहा की dmft का फंड लूट का फंड बन गया है और बिधायक सांसद दोनों कमीशन लेने में लगे हुए हैं। जनता का सड़क कैसे बनना चाहिए और मजदूरों को कितना मजदूरी मिलना चाहिए ध्यान नहीं दें रहें हैं। इससे साफ होता है की अपना कमीशन लेकर अपने पार्टी के सम्बेदक को लूट का छूट दें दिया गया है।
गाँव के मजदूरों को 250-320 ₹ और बिहार के मजदूरों को 500 ₹
वर्तमान में बेरोजगारी एक बड़ा समस्या उभर कर सामने आ गई है अगर बाहरी मजदूरों को काम में ना लगाया जाये मशीन से काम नहीं कराया जाये तो बहुत हद तक पलायन रुक सकता है। सड़क निर्माण में सभी जगह बिना रोलर चलाये और घटिया गिट्टी और बालू का इस्तेमाल का बिरोध किया जायेगा। और जबतक सड़क की गुणवत्ता पर काम नहीं होगा काम को बंद रखा जायेगा।
